विधानसभा-2017 के चुनाव में नेताजी वोट की खातिर ग्रामीण मतदाताआ की ताल से ताल मिलाते नजर आएंगे। दरअसल, जनपद में ग्रामीण वोटर 75 से 80 फीसदी हैं। जबकि 25 से 30 फीसदी वोटर ही शहरी हैं।
गांव और शहर में मतदाताओं की संख्या के हिसाब से बूथ बनाए गए हैं। रूरल (ग्रामीण) इलाकों में 1993 मतदाता बूथ बनाए गए हैं, जबकि अर्बन (शहरी) इलाके में 568 बूथ गठित किए गए हैं। शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाके सर्वाधिक 320 बूथ बनाए गए हैं जबकि सदर के शहरी इलाके में सबसे अधिक 149 मतदाता बूथ होंगे।
प्रत्येक बूथ पर वन प्लस थ्री के हिसाब से ड्यूटी तय की गई। हर बूथ पर एक पीठासीन अधिकारी और तीन पोलिंग अफसर होंगे। पोलिंग अफसर चतुर्थ का काम बाहरी काम की देखरेख करना होगा। वहीं, गांव में अधिक वोटर होने से साफ है कि इस बार विधानसभा चुनाव में ग्रामीण मतदाता ही प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे।
शहरों के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों का वोट प्रतिशत भी ज्यादा रहता है। इसका लाभ भी ग्रामीण क्षेत्रों वाली विधानसभा के प्रत्याशियों को मिलेगा।