बसपा ने जद्दोजहद के बाद खुर्जा विधानसभा क्षेत्र से सोमवार को रिटायर एआरटीओ अर्जुन सिंह को प्रभारी एवं प्रत्याशी घोषित किया है। जिलाध्यक्ष ने इसकी पुष्टि की।
अर्जुन सिंह का कहना है कि मजबूती से चुनाव लड़कर बसपा प्रमुख को सीएम बनाने के लिए इस सीट को जीता जाएगा।
एक पखवाड़े पहले पूूर्व प्रभारी/प्रत्याशी मनोज गौतम का टिकट काट दिया गया था।
उसके बाद एक आईपीएस अफसर की बेटी को टिकट देने की बात लगभग फाइनल हो गई। दो अन्य नाम पर भी विचार हुआ। आखिरकार अब रिटायर एआरटीओ अर्जन सिंह के नाम पर बसपा ने मुहर लगा दी।
सोमवार को हापुड़ में बसपा की मंडलीय बैठक हुई। जिसमें वेस्ट यूपी प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अर्जुन सिंह के नाम का एलान किया। जिलाध्यक्ष कमल राजन का कहना है कि अब नए प्रभारी/प्रत्याशी होंगे।
अर्जुन सिंह की पत्नी सपा में, जहांगीराबाद की प्रमुख
गजब यह है कि अर्जुन सिंह की पत्नी माया देवी इस समय सपा में है। वह हाल ही में बतौर सपा के अधिकृत प्रत्याशी जहांगीराबाद ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जीती है।
अब पति के बसपा में शामिल होने के बाद माना जा रहा है कि पत्नी भी हाथी की सवारी कर सकती है, हालांकि अभी वह चुप हैं।
अर्जुन सिंह पर है अपहरण का केस
2012 में पत्नी मायादेवी को ब्लॉक प्रमुख चुनाव लड़ाने के दौरान बीडीसी सदस्यों के अपहरण के आरोप में उस समय बसपा के विधायक (मौजूदा सपा विधायक) गुड्डू पंडित के साथ एफआईआर में अर्जुन सिंह नामजद हो चुके हैं।
गुड्डू पंडित को इस मामले में जेल जाना पड़ा था। बीमार होने के चलते उन्हें जमानत मिल गई थी।