लंबे अर्से बाद इस बार छोटी दिवाली जिसे नरक चतुर्दशी भी कहते हैं, मेष लग्न में पड़ रही है। मेष लग्न में ही हनुमान जी का जन्म हुआ था। ऐसे में यह तिथि विशेष बन पड़ी है। मंगलवार होने से इसकी विशेषता और बढ़ गई।
इस बार बुधवार की दिवाली तो शुभ है ही, साथ ही छोटी दिवाली व हनुमान जयंती पर भी विशेष लग्न से खास हो गई है। शाम के समय लक्ष्मी पूजन के साथ ही हनुमान जी की पूजा अर्चना से शारीरिक कष्ट दूर होते हैं।
रुके हुए काम बनते हैं और बुरी आत्माएं दूर भागती हैं। इस दिन ‘ऊं हन: हनुमंते नम:’ मंत्र का जाप करना चाहिए।
पंडित विष्णुदत्त सरस ने बताया कि भगवान विष्णु ने छोटी दिवाली के दिन ही हनुमान जयंती मनाई जाती है। 90 वर्ष बाद इस बार हनुमान जयंती मंगलवार को है।
पंडित महेश चंद वशिष्ठ ने बताया कि छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। कार्तिक मास के चतुर्दशी को भगवान विष्णु ने दानव नरकासुर का वध किया था। इसी वजह से इस दिन को नरक चतुर्दशी भी कहते हैं। इस दिन सुंदरकांड के पाठ से विशेष लाभ होगा।
यम के नाम का जलाएं दीपक
छोटी दिवाली पर यम के नाम का दीपक जलाना जरूरी होता है। पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि इस दिन यम के नाम का दीपक जलाकर घर के मुख्य द्वार पर रखना चाहिए।
ऐसा माना जाता है कि दीपक जलने से यमराज प्रसन्न रहते हैं और उनके दूत घर के आस-पास नहीं फटकते।