एएमयू में जमीन को लेकर जंग की स्थिति है। निजी बिल्डर एवं ट्रस्ट को एएमयू की जमीन दिए जाने के प्रयास से बौखलाए छात्रों ने जुमे की नमाज के बाद कैंपस में मार्च निकाला और कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सर सैयद डे डिनर के 51 लाख रुपये सर सैयद फाउंडेशन से वापस लेकर छात्रों को सौंपने एवं एएमयू एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक का लोकसभा की तरह सीधा प्रसारण करने समेत अन्य मांगों के लिए इंतजामिया को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। छात्रों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो शनिवार को ईसी की बैठक नहीं होने देंगे।
छात्रों का कहना है कि मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितों की मदद के जुटाए गए सर सैयद डे डिनर के 51 लाख रुपये सर सैयद फाउंडेशन से वापस लेकर छात्रों को दिया जाएं।
छात्र फैसला करेंगे कि वहां के पीड़ितों की मदद के लिए कैसे इस्तेमाल किया जाए। इसके साथ ही मुजफ्फरनगर में स्कूल बनाने के लिए सर सैयद फाउंडेशन को दी गई 12 बीघा जमीन एएमयू के नाम वापस किया जाए।
छात्र एमएयू के मुर्शिदाबाद, किशनगंज एवं मल्लापुरम केंद्र पर फाउंडेशन को जमीन दिए जाने के प्रस्ताव की कड़ी शब्दों में निंदा की और साफ कर दिया कि इसे एजेंडे से हटाने से काम नहीं चलेगा। तीनों केंद्र एवं मुजफ्फरनगर की जमीन से संबंधित प्रस्ताव हमेशा के लिए रिजेक्ट कर दिया जाए। अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन छात्रों ने कुलपति की अनुपस्थिति में प्रॉक्टर को दिया। सीनियर कैबिनेट अब्दुल्ला इमरान ने कहा कि मांगे पूरी नहीं हुई तो शनिवार को ईसी की बैठक नहीं होने देंगे। कैबिनेट जानिब हसन, सद्दाम, अमीर मिंटो, फैजान, बकार, समलान आदि मौजूद थे।