अनूपशहर शुगर मिल में पेराई सत्र पर संकट खड़ा हो गया है। निरीक्षण के बाद पांच दिन बाद भी एनजीटी की ओर से हरी झंडी नहीं मिली है।
ऐसे में किसान और मिल प्रबंधन की नींद उड़ गई है। बता दें कि 18 नवंबर को एनजीटी के आदेश के क्रम में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मिल में प्रदूषण के मानकों को परखा था।
अनूपशहर शुगर मिल प्रबंधन ने दावा किया था कि प्रदूषण के मानकों का पूरा कर लिया गया है। निरीक्षण के फौरन बाद पेराई चालू करने का दावा भी प्रबंधन का था।
18 नवंबर को एनजीटी के आदेश के क्रम में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने मिल का निरीक्षण किया। मिल में लगे प्राइमरी क्लीयर फायर, बिनोच एवं सिनिज बैग का निरीक्षण भी किया।
निरीक्षण को पांच दिन बीत गए हैं। अब तक एनजीटी की ओर से पेराई सत्र के संबंध में कोई संदेश मिल प्रबंधन को मिला है। मिल पर संकट के बादल छाए हुए हैं। वेव शुगर मिल बंद पड़ा हुआ है।