डेडिकेटिड फ्रेड कॉरीडोर के तहत बरन और भूड़ में कराए गए संयुक्त सर्वे को रिजेक्ट कर दिया गया है। अब दूसरी एजेंसी को सर्वे की जिम्मेदारी दी गई है। नए सिरे से सर्वे शुरू कर दिया गया है।
रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ियों को तेज रफ्तार से दौड़ाने के लिए भूड़ और बरन में ट्रैक बिछाएगा। इसके लिए रेलवे ने वर्ष 2009-10 में संयुक्त माप सर्वे कराया था।
सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक बरन में 49 और भूड़ में 180 भवनों का अधिग्रहण किया गया। सर्वे के बाद ऐसे कई केस सामने आए जिनका सर्वे ही नहीं हुआ।
इसी शिकायत के आधार पर रेलवे ने दूसरे एजेंसी से सर्वे कराने का निर्णय लिया है। नए सिरे से सर्वेक्षण की जिम्मेदारी एजेंसी को दी गई है। एजेंसी ने सर्वे का काम शुरू कर दिया है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक पुरानी एजेंसी ने शत प्रतिशत सही सर्वे नहीं किया था। अधिग्रहित किए गए भवनों का क्षेत्र कही कम तो कही अधिक दर्शाया गया था।
अधिग्रहण की जद में आने वाले कई भवनों को छोड़ दिया गया। इन्ही सब कारणों से पुराने सर्वे को रिेजक्ट कर नए संस्था को सर्वे की जिम्मेदारी दी है।
ट्रैक से 25 मीटर तक तोड़े जाएगे मकान
रेलवे ट्रैक को केंद्र मानकर 25 मीटर अंदर तक भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इससे सैकड़ों मकान गिरए जता सकते हैं।
राहत भरी खबर यह है कि यदि किसी मकान का पांच फीसदी हिस्सा तोड़ा जाएगा उसका शत प्रतिशत पेमेंट भवन के मालिकों को होगा।