तेलिया घाट रेलवे क्रासिंग के पास संदिग्ध हालात में ट्रेन की चपेट में आने से अमीन की मौत हो गई। वह भूमि विकास बैंक में तैनात थे।
हादसे के बाद जीआरपी और थाना पुलिस सीमा विवाद को लेकर उलझी रही। इसके चलते दो घंटे तक शव मौके पर पड़ा रहा। जब परिजन भड़के तो मौके पर पहुंचे सीओ ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
परिजनों का आरोप है कि अमीन पर बैंक की ओर से वसूली को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। इसके चलते वह कई दिनों से तनाव में थे। हालांकि पुलिस इसे हादसा मान रही है।
पुलिस के अनुसार धराऊ गांव निवासी जगदीश सोलंकी (48) नगर स्थित भूमि विकास बैंक में अमीन के पद पर तैनात थे। रविवार को वह अपने घर से किसी काम के चलते नगर में आए थे।
रविवार देर शाम करीब 8 बजे वह अपने गांव लौटने के लिए पैदल ही तेलियाघाट रेलवे फाटक पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे की सूचना पर जीआरपी और सिविल पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन शव कब्जे में लेने को लेकर सीमा विवाद में दो घंटे तक उलझी रही। इस दौरान अमीन का शव मौके पर पड़ा रहा।
जब गुस्साए परिजनों ने हंगामा करना शुरू किया तो सूचना पर सीओ आरएल निरंजन मौके पर पहुंचे। फिर आनन-फानन में शव को कब्जे में पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस घटना से अमीन के परिवार में कोहराम मच गया।
वसूली को लेकर तनाव में थे अमीन
परिजनों का आरोप है कि बैंक में वसूली को लेकर उनके ऊपर अधिकारियों का काफी दबाव था। उनके बेटे अजय और विजय ने बताया कि इसके चलते वह काफी परेशान रहने लगे थे।
छोटे बेटे की हो चुकी है हत्या
अमीन जगदीश का बड़ा बेटा विजय, उससे छोटा अजय है। तीसरे और सबसे छोटे बेटे की दो साल पहले रंजिशन हत्या कर दी गई थी।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया ट्रेनें की चपेट में आने से जगदीश की मौत प्रतित हो रही है। परिजनों की तरफ से कोई आरोप नहीं लगाया गया है। फिलहाल परिजनों ने कोई तहरीर भी नहीं दी है। पोस्टमार्टम के बाद मौत के कारणों का पता चल जाएगा।
आरएल निरंजन, सीओ खुर्जा