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गन्ना लेकर कलक्ट्रेट में डटे किसान

Mon, 11 Jan 2016 10:55 PM IST
अमर उजाला, बुलंदशहर
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गन्ना पेमेंट और समर्थन मूल्य तय नहीं होने से खफा किसानों ने सोमवार को कलक्ट्रेट में जमकर हंगामा किया। मुख्य द्वार पर सुरक्षा घेरा तोड़ किसानों की भीड़ कलक्ट्रेट में गन्ना लेकर जा घुसी।
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धरना स्थल पर सर्दी से बचने के लिए झोपड़ी बनाने को लेकर किसानों की अफसरों से नोकझोंक भी हुई। किसानों ने डीएम दफ्तर के बाहर महापंचायत कर अफसरों को घेरकर एडीएम वित्त, एसपी सिटी और गन्ना अधिकारी को धरना स्थल पर ही बैठा लिया।

भाकियू के बैनर तले गन्ना किसान पेमेंट में देरी, गन्ना समर्थन मूल्य घोषित नहीं होने, बिजली की बढ़ी दर, मुआवजा वितरण में मनमानी और वेव शुगर मिल की बंदी को लेकर कलक्ट्रेट में 10 जनवरी से बेमियादी धरने पर बैठे हुए हैं।
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सोमवार को भाकियू के आह्वान पर बड़ी तादाद में जनपद के किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर कलक्ट्रेट पर पहुंचे। कलक्ट्रेट में अंदर घुसने को लेकर किसान और पुलिस अफसरों के बीच झड़प हुई।

हाथ में गन्ना थामे किसान सुरक्षा घेरा तोड़ सभास्थल पर पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। किसानों ने दोपहर से शाम तक डीएम दफ्तर के सामने पंचायत की। इस दौरान किसानों ने धरना स्थल पर सर्दी से बचने के लिए झोपड़ी बनानी शुरू कर दी।

एसपी सिटी और प्रशासनिक अफसरों ने उनको रोकना चाहा। इस पर किसान अफसरों से भिड़ गए। किसानोें ने ज्ञापन लेने पंचायत स्थल पर पहुंचे  एडीएम वित्त को भी बैठा लिया।

एडीएम वित्त, एसपी सिटी और जिला गन्ना अधिकारी को करीब 30 मिनट जमीन पर बैठाए रखा। समस्याओं को जल्द समाधान कराने का आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने सभा बर्खास्त की। जब तक मांगे नहीं मानी जाती तब तक के लिए किसानों ने अस्थायी निवास के लिए झोपड़ी डाल ली है।  

प्रशासन ने किया धोखा
प्रदेश सचिव भाकियू मांगेराम त्यागी और चौधरी विशन सिंह ने प्रशासन के अधिकारियों पर किसानों को धोखे में रखने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने वेव शुगर प्रबंधन पर सख्ती नहीं की और किसानों से झूठ बोला। इसी कारण मिल प्रबंधन के हौसले बुलंद हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का संरक्षण मिलने के कारण वेव शुगर मिल को बंद कर दिया गया है।

कलक्ट्रेट बनी छावनी
गन्ना आंदोलन को लेकर सोमवार को कलक्ट्रेट छावनी में तब्दील हो गया। एक कंपनी पीएसी, सीओ गुलावठी, चार दरोगा, तीन इंस्पेक्टर और भारी संख्या में पुलिस बल वहां तैनात रहा।

पटलों पर नहीं हुआ काम
कलक्ट्रेट में किसानों के भय के कारण कोई काम नहीं हुआ। एडीएम ने हंगामा शुरू होने से पहले ही कर्मचारियों को पटलों पर काम नहीं करने की ताकीद कर दी थी। एडीएम ने कहा था कि हो सकता है कि किसान अभद्रता पर उतर आए इसे चौकसी से काम करें।

नहीं जल सकी गन्ने की होली
किसान कलक्ट्रेट में गन्ने की होली जलाने में कामयाब नहीं हो पाए। किसानों ने डीएम दफ्तर के सामने पुआल डालकर जलाने के लिए गन्ना खड़ा किया था। इस दौरान किसानों ने एक कर्मचारी से गन्ने के सामने हाथ जुड़वाकर माफी मंगवाई।

प्रशासन स्तर को कोई मामला पेंडिंग नहीं है। सभी निर्णय शासन स्तर पर होने पर हैं। शुगर मिलों पर पेमेंट को लेकर दबाव बनाया हुआ है। करीब 25 करोड़ रुपये पेमेंट हो चुका है। बाकी पेमेंट भी रूटीन पर आ जाएगा। - आरके सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व

प्रशासन के अधिकारी बैरे हो चुके हैं। अफसरों के कानों में किसानों की आवाज नहीं पहुंच रही है। किसानों की आवाज को सुनना होगा और समस्याओं को समाधान करना होगा। अफसर किसानों को काम करने को बैठे हैं सेटिंग के लिए नहीं है। - मांगेराम त्यागी, प्रदेश सचिव, भाकियू
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