अक्षय तृतीया पर्व पर सोमवार को सराफा बाजार में एक दुकान पर आभूषण पसंद करती महिला।
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सोने के दाम बढ़ने के कारण इस बार अक्षय तृतीया पर सराफा बाजार बेरौनक रहा। बीते साल की तुलना में 50 फीसदी ग्राहक भी दुकानों पर नहीं पहुंचे। ऐसे में इस बार करीब पांच करोड़ का बिजनेस कम हुआ। जानकारों के मुताबिक फसल अच्छी नहीं होने के कारण भी ग्राहकों ने बाजार से दूरी बनाए रखी।
आमतौर पर अक्षय तृतीया से सराफा बाजार की रौनक बढ़ जाती है। इस दिन सोने की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। ऐसे में हजारों की संख्या में ग्राहक सोने की खरीदारी करते हैं। बीते साल अक्षय तृतीया पर लोगों ने करीब 10 करोड़ रुपये का सोना खरीदा था लेकिन इस बार बाजार में सूनापन छाया रहा।
पूरे दिन सराफ ग्राहकों की राह देखते रहे, जो ग्राहक दुकान पर पहुंचे उन्होंने भी हल्के गहने ही लिए। कुल मिलाकर पूरे जिले में करीब पांच करोड़ के आसपास का कारोबार हुआ। सराफा बाजार के विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार बीते साल की तुलना में करीब पांच करोड़ रुपये का बिजनेस कम हुआ।
खुद कारोबारी भी मान रहे हैं कि सोने के दामों में आई बढ़ोतरी से इस बार ग्राहकों ने कम खरीदारी की। वहीं फसल अच्छी नहीं होने के कारण भी किसान बाजार से दूर रहे। आमतौर पर फसल कटने के बाद किसान शादी ब्याह की तैयारियों के लिए जेवर आदि खरीदते हैं। इस बार गेहूं की पैदावार ठीक नहीं होने के कारण किसानों को फसल का अच्छा दाम नहीं मिल सका।
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है लेकिन इस बार बाजार में कोई रौनक नहीं रही। फसल ठीक नहीं होने के कारण ग्राहकों ने कम खरीदारी की। - अरुण वर्मा, अध्यक्ष, सराफा व्यापार एसोसिएशन
अक्षय तृतीय इस बार बिल्कुल फीकी रही। पिछली बार के मुकाबले मुश्किल से 50 फीसदी कस्टमर ही दुकान पर पहुंचे। सोमवार को बाजारबंदी होना भी इसकी एक वजह रही। - अनुज अग्रवाल, महामंत्री, सराफा व्यापार एसोसिएशन