बुलंदशहर। बढ़ते प्रदूषण से जिलेवासियों को बीते दिनों हवा चलने से राहत मिली। अब दो दिन से एक्यूआई फिर बढ़ने लगा है और तीन सौ के करीब पहुंच गया है। इसके चलते जिले में ग्रैप का तीसरा चरण लागू कर दिया गया है। सोमवार को बुलंदशहर का 279 तो खुर्जा की वायु गुणवत्ता सूचकांक 286 दर्ज किया गया। एक्यूआई बढ़ने का कारण कूड़ा-कचरा जलना, जाम और हवा ठहरना बताया जा रहा है। वहीं, ग्रैप-3 के तहत खनन, निर्माण, तोड़फोड़ यो पुराने वाहनों के संचालन पर रोक रहेगी।
नवंबर माह में शहर की वायु गुणवत्ता काफी खराब रही। चार दिसंबर को हवा चलने के बाद बढ़ते एक्यूआई से लोगों को राहत मिली शुरू हुई और नौ व 10 दिसंबर को एक्यूआई 100 से भी कम रहा, लेकिन कूड़ा-कचरा जलना बंद न होने, निर्माण कार्य जारी रहने, पुराने वाहनों का संचालन होने के साथ अन्य लापरवाही बरतने से एक्यूआई में फिर बढ़ोत्तरी शुरू हो गई। 15 दिसंबर को एक्यूआई 200 के पार पहुंच गया। जबकि खुर्जा की वायु गुणवत्ता 15 दिन 200 से कम रही।
16 दिसंबर को खुर्जा का एक्यूआई भी 300 के करीब जा पहुंचा। सोमवार को गुलावठी, स्याना रोड, नगर, इमलिया समेत अन्य जगह कूड़े के ढ़ेर से धुआं उठता रहा। एक्यूआई में बढ़ोत्तरी होने से लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन आदि की परेशानियां भी बढ़ने लगी है।
पर्यावरणविद राजेंद्र पथिक ने कहा कि वातावरण को हरा-भरा रखने के लिए सभी जिलेवासी सहयोग करें। पौधरोपण करने के साथ उनका संरक्षण करें। इससे आने वाली पीढ़ी को भी वातावरण हरा-भरा मिल सके। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी किए गए बुलेटिन में बुलंदशहर का 279 तो खुर्जा का 286 एक्यूआई दर्ज किया गया।