अब ड्रोन से होगा यूरिया खाद का छिड़काव
बुलंदशहर। किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। अब उन्हें फसलों में यूरिया लगाने के लिए कड़ी मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। अब खेतों में जल्द ही ड्रोन से खाद डालने की व्यवस्था की जाएगी। इसकी शुरूआत जनवरी के आखिरी या फरवरी के पहले सप्ताह में हो जाएगी।
इफ्को ने नैनो यूरिया खाद बनाया है। इस तरह यूरिया खाद की खास बात यह है कि आधा लीटर खाद 45 किलो यूरिया के बराबर काम करता है। इसके लिए किसान को स्प्रे मशीन की जरूरत होती है और इसे चलाने में भी कड़ी मेहनत लगती है। किसानों की इस परेशानी को देखते हुए इस यूरिया खाद का छिड़काव खतों में करवाने के लिए सरकार इसे आसान बनाने की दिशा में कदम उठा रही है। सरकार ने इफ्को के साथ मिलकर इस यूरिया खाद का खेतों में छिडक़ाव कराने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रदेश के जिला औरेया में डेमो भी पूरा हो चुका है। अब ड्रोन से यूरिया खाद का स्प्रे करवाने की तैयारी जिला बुलंदशहर में भी हो चुकी है। एक एकड़ खेत में चंद मिनटों में इस यूरिया का छिड़काव हो जाएगा। इफ्को की ओर से इसकी किसानों को जानकारी दी जा रही है। जिले के किसान भी ड्रोन से खाद का छिड़काव होता देखने के लिए उत्सुक हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विवेकराज के अनुसार तरल नैनो यूरिया स्वदेशी और फसलों के लिए फायदेमंद है। यह फसल उत्पादन के क्षेत्र में क्रांति लाएगा। फिलहाल इसका छिड़काव करने के लिए पावर स्प्रे मशीन का उपयोग किया जा रहा है। ड्रोन से इसका छिडक़ाव शुरू होने पर किसानों को राहत मिलेगी।
ड्रोन पर मिलेगा अनुदान, चलाने का दिया जाएगा प्रशिक्षण
ड्रोन खरीदने पर सरकार की ओर से अनुदान मिलेगा। इस पर अभी विचार चल रहा है। इसे चलाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। ड्रोन चलाने वालों को ग्रीन पायलट का नाम दिया गया है। अभी तक दो किसान ड्रोन खरीदने को तैयार हो गए हैं। एक ड्रोन की कीमत सात लाख के आसपास है। इससे गन्ना और मक्का जैसी बड़ी फसलों में यूरिया का छिडक़ाव करना आसान होगा। जो भी किसान ड्रोन खरीदेगा, उसे किसानों को यूरिया का छिड़काव करवाने के लिए कुछ राशि देनी होगी। यह राशि भी निर्धारित तय की जाएगी। ड्रोन के माध्यम से फसलों में प्रयोग होने वाली कीटनाशक आदि दवाईयों का भी छिड़काव किया जा सकेगा।
सरकार का इफ्को के साथ करार हो गया है। ड्रोन खरीदने के इच्छुक किसानों से संपर्क जारी है। अभी तक दो किसान तैयार हो गए हैं और उनकी फाइल बनाकर भेज दी गई है। ड्रोन खरीदने पर सरकार अनुदान देगी। - प्रहलाद सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, इफ्को।