बुलंदशहर/अहार/बुगरासी। जिले में बुधवार को देर शाम तक जारी रही बारिश के बाद बृहस्पतिवार को मौसम का मिजाज बदल गया। जगह-जगह पानी भरा हुआ और बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। किसान खेतों में भरे पानी और गिरी फसलों को देख चिंतित हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी लगातार इसी तरह की बारिश होने की संभावना बन रही है।
जिले में भादों माह की शुरुआत होते ही लगातार बारिश हो रही है। बुधवार पूरा दिन जारी रही बारिश ने सभी की परेशानी बढ़ा दी है। इसका असर पूरे जिले में बृहस्पतिवार को भी देखने को मिला। इस बारिश से सबसे अधिक फसलों को नुकसान हुआ है। सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई और इससे वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई। बारिश के चलते बुगरासी बिजली घर में पानी भर गया। इसके चलते से बुगरासी, बरहाना, सुलैला, किरयावली, बुकलाना, जलालपुर आदि समेत 12 गांव के तकरीबन सात हजार उपभोक्ताओं को लाइट दी जाती है। लाइट नहीं होने से क्षेत्र अंधेरे में डूबा हुआ है। दानिश, पवन कुमार, नरेश कुमार, अनिल कुमार आदि उपभोक्ताओं ने बताया कि लाइट नहीं होने से पूरे बाजार में अंधेरा रहता है। अंधेरे के चलते शाम को बाजार भी जल्दी बंद हो रहे हैं। ऊर्जा निगम के एसडीओ कृष्णानंद ने बताया कि तेज बारिश से बिजली घर में पानी भर गया है। पानी के निकलवाने की व्यवस्था कराई जा रही है। जल्द ही पानी निकाल विद्युत आपूर्ति को सुचारु कर दिया जाएगा।
वहीं, दूसरी ओर अहार क्षेत्र के गांव वामनपुर का तालाब ओवरफ्लो हो गया। इसका पानी गलियों में पहुंच जाने के कारण ग्रामीणों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी तरह की समस्या जिले के अन्य क्षेत्रों में भी देखने को मिली। बुधवार बारिश के बाद बृहस्पतिवार को मौसम बदला और धूप निकल आई। हल्के बादल भी छाए रहे। ऐसे मौसम में अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता 77 फीसदी और हवा की गति 10 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रही। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. विवेकराज का कहना है कि ऐसे मौसम और बारिश से अभी जल्द राहत नहीं मिलने वाली है। आगामी दिनों में इसी तरह बारिश होने की संभावना बन रही है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
-
बीमा कंपनी कर रहीं फसलों का सर्वे, उसके बाद मिलेगा लाभ
जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव ने बताया कि पिछले दिनों हुई बारिश से खराब हुई फसल का बीमा कंपनी ने सर्वे शुरू कर दिया है। अब एक बार फिर बारिश शुरू होने से फसलों को और नुकसान की संभावना बन गई है। किसान अपनी खराब फसल का बीमा लेने के लिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पहले और अब जारी बारिश से धान की फसल को 20 से 25 फीसदी नुकसान की संभावना है। बाजरा व ज्वार में 40 फीसदी तक, अरहर, उड़द व मूंग दलहन की फसलों में 50 फीसदी नुकसान की आशंका है। सबसे अधिक नुकसान पालक, गोभी, मिर्च, मूली और शलजम की फसल को है। यदि इसी तरह और बारिश हुई तो गिरी धान की फसल में बनी बाली गलने के साथ रोग लगने की संभावना बन सकती है। फसल खराब होने का आकलन सर्वे से ही पता चलेगा।