अधिग्रहीत भूमि का बढ़ा मुआवजा नहीं मिलने पर गुस्साए 12 गांवों के किसानों ने प्रशासन को अल्टीमेटम दे दिया है। सिकंदरपुर रेलवे स्टेशन के पास पंचायत कर किसानों ने कहा कि जब तक उन्हें बढ़ा मुआवजा नहीं मिलेगा फ्रेट कॉरीडोर का काम शुरू नहंी होने देंगे।
बता दें कि रेलवे फ्रेट कॉरीडोर अधिग्रहण का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसे लेकर रविवार को सिकंदपुर रेलवे स्टेशन स्थित ओवरब्रिज के नीचे किसानों की पंचायत हुई।
इसकी अध्यक्षता करते हुए रघुनाथ सिंह ने कहा कि मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर सात माह से पंचायत पर पंचायत कर रहे हैं लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है।
पंचायत में जुटे 12 गांवों के किसानों का कहना है कि जब तक उन्हें बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं मिलेगा वह फ्रंट कॉरीडोर का काम शुरू नहीं होने देंगे। इसके लिए उन्हें चाहे कुछ भी क्यों न करना पड़े।
समाजसेवी किसान सुग्रीव सोलंकी ने कहा कि सरकार उन्हें 532 रुपये वर्गमीटर के हिसाब से मुआवजा देकर अन्याय कर रही है।
सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा अगर सरकार नहीं देती है तो वह महापंचायत कर आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे।
पंचायत में अतर सिंह, जितेंद्र चौधरी, डॉक्टर लक्ष्मण सोलंकी, धीरेंद्र, बनी सिंह, बालकराम समेत काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।