जनपद में पांच हजार से ज्यादा बच्चे हर साल मर जाते हैं। यह बच्चे अपना पहला जन्मदिन तक नहीं देख पाते। इन बच्चों को बचाने के लिए सरकार सजग हो गई है।
बाल मृत्यु दर रोकने के लिए बाल स्वास्थ्य पोषण माह का आयोजन किया जाएगा। शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक जनवरी से बाल स्वास्थ्य पोषण माह का शुभारंभ किया जाएगा।
प्रत्येक सप्ताह बुधवार और शनिवार को पोषण दिवस मनाया जाएगा। दिसंबर तक ब्लॉक स्तरीय और जिला स्तरीय प्रशिक्षण संपन्न कराया जाएगा।
पोषण दिवस के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा नौ माह से पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों को विटामिन ए का संपूर्ण और नियमित टीकाकरण किया जाएगा।
अति कुपोषित बच्चों का चिह्नांकन और संदर्भन किया जाएगा। जन्म से छह माह तक केवल स्तनपान को बढ़ावा दिया जाएगा। आयोडीन युक्त नमक के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
डरावना है स्वास्थ्य विभाग का आंकड़ा
बाल मृत्यु दर पर स्वास्थ्य विभाग का आंकड़ा बेहद डरावना है। प्रति जीवित 1000 बच्चों पर 64 बच्चों की मौत होती है।
प्रदेश में पांच वर्ष से कम आयु वाले करीब चार लाख बच्चों की मौत हर साल हो जाती है। इन्हें आसानी से बचाया जा सकता है।
जिलेभर में एक जनवरी से बाल स्वास्थ्य पोषण माह का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक सप्ताह बुधवार और शनिवार को पोषण दिवस का आयोजन होगा। दिसंबर माह तक इसको लेकर ब्लॉक और जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न करा लिया जाएगा।
डॉ. अशोक तालियान, जिला प्रतीरक्षण अधिकारी