बुलंदशहर। जीएसटी विभाग की टीम ने कर चोरी के मामले में चार फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की है। तीन फर्मों की ओर से करीब 79.63 लाख रुपये जमा कराए गए हैं। जबकि एक फर्म के दस्तावेजों को कब्जे में लेकर टीम कर चोरी का आंकलन कर रही है। टीम की रडार पर कई बड़े व्यापारी भी हैं, जिनका गोपनीय सर्वे कराया जा रहा है।
कर चोरी के खिलाफ जीएसटी विभाग की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए स्याना रोड स्थित स्क्रैप और हैंडपंप पार्ट्स बनाने वाले व्यापारी के प्रतिष्ठान पर जांच की। इस दौरान टीम ने पाया कि व्यापारी ने पिछले दो वित्त वर्षों में आइटीसी का गलत तरीके से लाभ लिया। जबकि व्यापारी आइटीसी के लाभ के लिए पात्र नहीं था। टीम की कार्रवाई के दौरान ही व्यापारी ने मौके पर 21 लाख रुपये जमा कराया है।
इसके अलावा सिकंदराबाद स्थित ई-वेस्ट में व्यापार करने वाली फर्म पर टीम ने कार्रवाई की। जांच के दौरान पाया कि फर्म की ओर से बिना खरीद किए (फर्जी बिल के आधार पर) ही पिछले दो वर्षों में आइटीसी का लाभ लिया गया। टीम की ओर से कार्रवाई करते हुए फर्जी आइटीसी वापस कराने के निर्देश दिए गए। व्यापारी ने मौके पर 30.63 लाख रुपये जमा कराए हैं। साथ ही डिबाई स्थित एक लकड़ी व्यापारी के प्रतिष्ठान पर 20 दिसंबर को सर्वे किया गया था। जांच के दौरान व्यापारी की ओर से 1.46 करोड़ की कर चोरी का मामला सामने आया था। कार्रवाई के दौरान ही टीम ने कुल 46.75 लाख रुपये मौके पर जमा कराए थे। अब व्यापारी की ओर से 28 लाख रुपये और जमा कराए गए हैं।
हैंडपंप पार्टस बनाने वाली फैक्टरी पर कार्रवाई
जीएसटी विभाग की टीम ने नगर के देवीपुरा स्थित हैंडपंप पार्ट्स बनाने वाली फैक्टरी पर कार्रवाई की है। करीब 12 घंटे चली कार्रवाई के बाद टीम ने मौके से खरीद-फरोख्त के दस्तावेज समेत अन्य कागजात जब्त किए हैं। अब जब्त दस्तावेजों के आधार पर टीम स्टॉक का मिलान, आइटीसी क्लेम और कर जमा करने का ब्योरा खंगाल रही है।
Iचार फर्मों पर कार्रवाई की गई है। तीन फर्मों की ओर से 79.63 लाख रुपये जमा कराए गए हैं। एक फर्म के दस्तावेजों का अध्ययन किया जा रहा है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। I
I- जयंत सिंह, उपायुक्त, जीएसटी विभागI