छतारी। फर्रुखाबाद के बनपोई गांव में प्रेम संबंधों के चलते 27 साल पहले चाचा की हत्या करने वाले आरोपी हरनाम सिंह को पुलिस ने छतारी से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से एक तमंचा भी बरामद हुआ है। पूछताछ के बाद मंगलवार को पुलिस ने हरनाम को जेल भेज दिया।
थाना प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र सिंह ने बताया कि हरनाम अपनी पहचान बदलकर छतारी के एक मोहल्ले में रह रहा था। पुलिस टीम ने सोमवार को चेकिंग के दौरान हरनाम को पंड्रावल अतरौली रोड स्थित ईंट भट्ठे के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पूछताछ में हरनाम ने बताया कि वह मूलरूप से फर्रुखाबाद के आजाद नगर थाना स्थित बनपोई गांव का रहने वाला है। उसके चचेरे बाबा के छोटे भाई हरी सिंह के तीन बेटे थे, जिसमें सबसे छोटा रामवीर सिंह था। जो हमउम्र था और रिश्ते में चाचा लगता था।
रामवीर सिंह की पत्नी से आरोपी हरनाम की दोस्ती हो गई और दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए। एक बार रामवीर ने हरनाम और अपनी पत्नी को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसके बाद से वह अपनी पत्नी की पिटाई करता रहता था। इस परेशानी से छुटकारा पाने के लिए हरनाम और उसकी चाची ने मिलकर 1997 में लोहे की रोड से हमला कर रामवीर की हत्या कर दी और इसके बाद शव कुएं में फेंक दिया। पकड़े जाने के डर से दोनों गांव छोड़कर भाग गए।
तीन जनपदों में छिपकर रह चुका है आरोपी
हरनाम सिंह ने बताया कि हत्या करके वह अपनी चाची और उसके दो बच्चों को लेकर गौतमबुद्धनगर जनपद के दादरी में एक वर्ष तक रहा। इसके बाद वहां से अलीगढ़ के अतरौली गांव में पांच वर्ष रहा। उसके बाद से वह 2002-03 से छतारी में रह रहा था। 2010 में मादक पदार्थ और अवैध हथियार रखने के आरोप में जेल भी जा चुका था। इस दौरान उसने सभी जगहों पर अपने नाम अलग-अलग बताए।
रामवीर के दोनों बेटों की कर चुका है शादी
हरनाम सिंह ने पुलिस को बताया कि रामवीर के दो बेटे थे। उससे एक बेटी पैदा हुई। वह रामवीर के दोनों बेटों की शादी कर चुका है। दोनों ही अपनी पत्नी और बच्चों के साथ राजस्थान में रह रहे हैं। कैंसर की बीमारी के चलते 2017 में पत्नी की भी मौत हो गई। अब घर पर अकेले बेटी है।