बुलंदशहर। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव कलौली निवासी अजनान खान और उसके परिजनों पर खुद को एसटीएफ उत्तर प्रदेश पुलिस का अधिकारी बताकर लोगों को डराने-धमकाने और धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। आरोपियों ने ट्रूकॉलर पर फर्जी पहचान बनाई और घर के बाहर एसटीएफ के नाम की नेम प्लेट भी लगा ली। सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ रील डालकर पेशेवर अपराधी जैसी छवि बनाई। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली देहात में गाजियाबाद न्यायालय स्थित चैम्बर 1070 निवासी उमंग खरखोदिया ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि गांव कलौली निवासी अजनान खान द्वारा लोगों को गुमराह कर, धोखाधड़ी कर, डराने-धमकाने, भय का माहौल बनाने और लोक सेवकों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से अपने मोबाइल के ट्रूकॉलर पर एसटीएफ उत्तर प्रदेश पुलिस का फोटो लगाया गया है। इसके साथ ही अपने घर के बाहर अपने नाम के साथ अपने परिजनों सलीम खान एवं संस, अशफाक खान बिल्डर, अजनान खान, मन्नान खान, फरमान खान, सलमान खान, सूफियान खान के नाम के साथ एसटीएफ उत्तर प्रदेश पुलिस की नेम प्लेट लगा रखी है। आरोप है कि इसी तरह अजनान और उसके भाई मन्नान खान ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर पेशेवर गुंडे-बदमाशों की तरह चारपाई पर शस्त्र बिछाकर, वहां स्वयं बैठकर और छाती में पीतल दागने की रील बनाकर डाली है। साथ ही विभिन्न स्थानों पर शस्त्रों के साथ फोटो व रील अपलोड की गई हैं।
वादी ने मामले में संबंधित परिवार के वाहन और जमीन की जांच, घर को बनाने का स्रोत, एक प्ले स्कूल की जांच, घर की महिलाओं के जेवरातों और बैंक खातों में स्त्रोत व लेखाजोखा का विवरण व जांच और कार्रवाई की मांग की है। एएसपी ऋजुल ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर कोतवाली देहात में आरोपी अजनान खान, मन्नान खान, अशफाक खान बिल्डर, फरमान खान, सलमान खान, सूफियान खान एवं सलीम खान निवासी कलौली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मामले में गहनता से जांच की जा रही है, जिसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।