लंबे समय से विवादों में चल रहा सफाईकर्मियों की नियुक्ति का टेंडर एक बार फिर निरस्त हो गया। डीएम के आदेश पर नगर पालिका ईओ ने टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है। डीएम ने नियमानुसार दोबारा निविदा आमंत्रित करने के निर्देश जारी किए हैं। मामले में पहले जांच बैठी थी।
नगर की सफाई व्यवस्था का सुचारु रखने के लिए 200 सफाई कर्मचारियों को ठेके पर रखे जाने की प्रक्रिया चल रही है। शिकायतकर्ता मुनेश कुमार ने डीएम से की शिकायत में आरोप लगाया था कि एक ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए ठेके की शर्तों में बार-बार बदलाव किया गया।
टेंडर प्रक्रिया को पूर्व में भी निरस्त किया जा चुका था। निविदा आमंत्रित करने के लिए जो शर्त विज्ञापन में प्रकाशित कराई गई थीं, उसे टेंडर बिक्री की शर्तों से हटा दिया गया था। जिस पर तत्कालीन डीएम शुभ्रा सक्सेना ने एडीएम फाइनेंस को ठेका निरस्त करके दोबारा निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए थे।
दोबारा निविदा मांगने पर शर्तों में फिर से फेरबदल किया गया। जिसके बाद शिकायतकर्ता मुनेश कुमार की शिकायत पर डीएम के निर्देश के बादएडीएम वित्त ने ईओ से जवाब-तलब किया। ईओ के जवाब से असहमत होने पर डीएम आंजनेय कुमार के निर्देश पर एडीएम प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करते हुए दोबारा नियमानुसार निविदा आमंत्रित करने के निर्देश नगर पालिका को दिए हैं।
गौरतलब है कि 200 सफाईकर्मियों की ठेके पर
नियुक्ति के टेंडर को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद ही अफसर हरकत में आए थे। बोर्ड बैठक में 154 कर्मियों का प्रस्ताव पास हुआ था, जबकि टेंडर 200 कर्मियों का निकाल दिया था।
डीएम के निर्देश पर एडीएम द्वारा मांगे गए सवालों का जबाव दिया गया था। एडीएम ने जबावों से असहमत होते हुए डीएम के निर्देश पर टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दोबारा निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - एके सिंह, ईओ, नगर पालिका