डग्गामार वाहनों को हटाने के लिए रोडवेज बस स्टैंड के बाहर बैठे कर्मी। स्रोत निगम
गढ़मुक्तेश्वर। रोडवेज निगम को बड़े स्तर पर चूना लगा रहे डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर विभागीय टीम ने डिपो के सामने सवारी बैठाने का प्रयास कर रहे कई वाहनों को खदेड़ दिया।
अति व्यस्त गढ़ चौपला से मेरठ समेत कई अन्य रूटों पर प्रतिदिन 60 से अधिक रोडवेज बसों का संचालन होता है। इसके बाद भी गढ़ चौपला पर हर समय डग्गामार वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है। जिनमें से कई वाहन तो गुरुद्वारे के सामने वाली पुलिस पिकेट समेत रोडवेज डिपो के बाहर से अनाधिकृत ढंग में सवारी बैठाकर ले जाते हैं। डग्गामार वाहनों का खुलेआम अवैध संचालन होने के रोडवेज निगम को प्रतिदिन दो से लेकर ढाई लाख के राजस्व का चूना लग रहा है।
डग्गामार वाहनों पर अंकुश लगाकर विभागीय आय बढ़ाने को लेकर रविवार को एआरएम हेमंत मिश्रा ने विभागीय टीम के साथ डिपो के सामने लाठी डंडे लेकर मोर्चा संभाल लिया। इस दौरान डिपो के सामने खड़े होकर सवारी बैठाने का प्रयास कर रहे कई डग्गामार वाहनों को खदेड़ दिया गया। जिसका पता लगते ही अन्य डग्गामार वाहन कुछ ही देर के भीतर चौपला की सड़कों से नदारद हो गए।
एआरएम हेमंत मिश्रा ने बताया कि गढ़ डिपो में कुल 148 बस हैं। इनमें 110 बस अलग-अलग रूट पर संचालित होकर प्रतिदिन करीब 350 फेरे लगा रही हैं। इसके बाद भी अवैध रूप से संचालित हो रहे डग्गामार वाहन सवारी ले जाकर रोडवेज निगम को डेढ़ से लेकर दो लाख रुपये प्रतिदिन का नुकसान पहुंचा रहे हैं। बताया कि अधिक आमदनी के लालच में डग्गामार वाहन क्षमता से कहीं अधिक सवारी लादकर सड़कों पर तेज रफ्तार में फर्राटा भरते हैं, जिससे सवारियों की जान को भी गंभीर खतरा बना रहता है।