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बच्ची से रेप-हत्या का आरोपी जेल में लटका मिला

Mon, 20 Oct 2014 05:33 AM IST
Bulandshahr
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बुलंदशहर। रेप के बाद मासूम की हत्या के आरोपी की शनिवार रात जिला जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बंदी की मौत से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आरोपी का शव गमछे के सहारे सेप्टिक टैंक में लटका मिला, हालांकि जेल प्रशासन इसे आत्महत्या मान रहा है। रात में ही आनन-फानन आला अफसर जेल पहुंच गए। इस घटना से बाद फिर जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
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जेल अधीक्षक वीके सिंह ने बताया कि अहार थाने के गांव जटपुरा निवासी राजू (23) पुत्र हरपाल पर पड़ोसी ऋषिपाल की साढ़े तीन साल की बेटी अंजली की रेप के बाद हत्या का आरोप था। इसी मामले में राजू का पिता हरपाल भी जेल में है। वारदात के बाद से फरार चल रहे राजू को पुलिस ने 25 मई को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। शनिवार शाम बैरक नंबर 3 ए में गिनती के दौरान एक बंदी कम मिला। बताया जाता है कि बंदी के भागने की सूचना पर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। काफी तलाश के बाद राजू सेप्टिक टैंक में गमछे के सहारे लटका मिला। जब तक फंदा काटकर उसे निकाला जाता तब तक उसकी धड़कन बंद हो चुकी थी। मौके पर पहुंचे डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव राजू के ममेरे भाई और साथी को सौंप दिया गया है। अंतिम संस्कार के लिए न्यायाधीश की इजाजत पर उसके पिता हरपाल को पैरोल पर छोड़ा जाएगा।
यह था मामला
जटपुरा निवासी ऋषिपाल सिंह की साढ़े तीन साल की बेटी अंजलि 3 मई को अचानक लापता हो गई थी, परिजनों ने काफी तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस भी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हाथ पर हाथ रखकर बैठ गई थी मासूम का शव 6 मई की रात पड़ोसी राजू पुत्र हरपाल के घर से बरामद हुआ था। पुलिस ने हरपाल को भी मौके से हिरासत में ले लिया था। हरपाल ने पुलिस को बताया कि उसके बेटे राजू ने अंजलि के साथ रेप कर उसकी हत्या कर शव घर में छिपा दिया था। पुलिस ने बच्ची के पिता ऋषिपाल की तहरीर पर राजू और उसके पिता हरपाल पुत्र भूरी सिंह के खिलाफ रेप के बाद हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। हरपाल पर सबूत मिटाने की कोशिश करने का आरोप था।
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इनाम घोषित कर पकड़ा था राजू को
राजू पर बच्ची से रेप और हत्या के अलावा कोई और अपराध नहीं था, लेकिन पुलिस ने केस की गंभीरता के चलते फरारी के दौरान उस पर ईनाम घोषित कर दिया था। अहार थानाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि बच्ची का शव मिलने के बाद पुलिस ने हरपाल को गिरफ्तार कर लिया था। राजू को पकड़ने के लिए दो हजार का ईनाम रखा था। 20 दिन बाद पुलिस ने उसे दबोचकर लिया था।

आदमी की मानसिकता बदलने की जरूरत है। पैरेंट्स को अच्छाई और बुराई के बारे में बताना होगा। ऐसी घटनाएं समाज पर कालाधब्बे की तरह हैं। हो सकता है कि कैदी ने अपराधबोध माना हो कि उसने गलत किया है। तब कदम उठाया हो। ऐसी घटनाएं समाज में नहीं होनी चाहिएं।- आरबी शर्मा, मानसिक रोग विशेषज्ञ
बच्ची या युवतियों के साथ छेड़खानी या अन्य घटनाएं न हो। दोषियों को सख्त दंड मिले। कैदी का शव जेल में लटका मिला है। इसकी जांच होनी चाहिए। अपराधबोध मानकर उसने यह कदम उठाया है। तो यह अन्य अपराधियों के लिए सबक है। -आत्मप्रकाश सिंह, समाजशास्त्री
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