बुलंदशहर। लोकायुक्त के रडार पर नगर पालिका की चेयरमैन पिंकी गर्ग के साथ-साथ ईओ भी आ गये हैं। लोकायुक्त ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है। चेयरमैन पर 1000 सोडियम लाइटों की खरीद में अनियमितता का आरोप है।
30 मार्च वर्ष 2012 को नगर पालिका परिषद की बोर्ड में बैठक में सभासदों की मौजूदगी में 500 सोडियम लाइट खरीद का प्रस्ताव पास किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बोर्ड से स्वीकृति लिए बगैर चेयरमैन और इओ ने 1000 लाइट खरीद ली। बोर्ड से अतिरिक्त 500 लाइटों की खरीद की वित्तीय स्वीकृति भी नहीं ली गई। ऐसा होने पर कुछ सभासदों ने फर्म को पेमेंट नहीं करने की अपील चेयरमैन पिंकी गर्ग से की। साथ थी कह दिया कि अगर पेमेंट किया गया तो उसकी जवाबदेही चेयरमैन की होगी। आरोप है कि इसके बावजूद चेयरमैन और तत्कालीन इओ अरुण गुप्त ने पेमेंट कर दिया। आरोप है कि एक ही व्यक्ति की दो फर्मों को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए सोडियम लाइट और सोडियम लाइट सामग्री खरीद का टेंडर दिया गया। एक टेंडर सोडियम लाइट का था और दूसरा टेंडर सामग्री का था। खास बात यह है कि जिस दिन बोर्ड बैठक हुई । उसी समय ठेकेदार ने सामग्री भी खरीद ली थी।
दीवाली पर नहीं खरीदा जाएगा 75 लाख का सामान
बुलंदशहर। घोटालों का घर बनी नगरपालिका मेें अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई है। अफसर लाइट या अन्य संबंधित टेंडर प्रक्रिया पूरी करने से घबराने लगे हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है कि दीवाली से पहले नगरपालिका में 75 लाख रुपये में लाइट का सामान खरीदा जाना था। लेकिन जांच के डर से फिलहाल खरीद प्रक्रिया को टाल दिया गया है। दीवाली बाद ही सामान खरीदे जाने की उम्मीद है। बुलंदशहर में 750 सोडियम लाइटें और 75 लाख रुपये का अलग से सामान खरीदा जाना है। नगरपालिका स्तर से टेंडर निकाला जा चुका है। लेकिन टेंडर पर मची हायतौबा के चलते पालिका अफसरों ने अब खरीद की कार्रवाई को ही ठंडे बस्ते में डाल दिया है। अगर सभासद सहमत हुए और अड़ंगा नहीं लगा तब ही कार्रवाई हो पाएगी।