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‘आंसुओं के साथ बह जाएंगे मोदी के अरमान’

Tue, 08 Apr 2014 05:31 AM IST
Bulandshahr
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बुलंदशहर। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा संासद सतीश मिश्र ने भाजपा और मोदी पर सीधा हमला किया। दोनों को दिन में सपने देखने वाला बताया। कहा कि गजब यह कि विधानसभा चुनाव में यूपी में सिर्फ 37 एमएलए जिताने वाली भाजपा इस बार यहां 60 सीट लोकसभा की जीतने का भ्रम पाले हैं। जब असलियत सामने होगी तो खुद को प्रधानमंत्री समझ बैठे मोदी के दिल के अरमां आंसुओं में बह जाएंगे। पैसे के बल पर किए जा रहे सर्वे धरे के धरे रह जाएंगे।
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सतीश मिश्र सोमवार को शिकारपुर में बुलंदशहर सीट से पार्टी प्रत्याशी प्रदीप जाटव के पक्ष में सभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सबकी लड़ाई बसपा से है। मुजफ्फरनगर दंगे की पृष्ठभूमि सपा और विहिप नेताओं ने भाजपा के इशारे पर लखनऊ में बैठक कर तैयार की थी। भाजपा और सपा ए और बी टीम हैं। बसपा शासन में एक भी दंगा नहीं हुआ और सपा के दो साल के शासन में 150 छोटे बड़े दंगे हुए। दंगे में जिन लोगों की जान गई उनके परिजनों को शिविर से भी खदेड़ दिया। खुद सैफई में करोड़ों रुपये खर्च कर थिरकते रहे। मिश्र ने कहा कि सूबे में किसान, मजदूर, व्यापारी, नौजवान सब परेशान हैं। विकास है नहीं। अपराध चरम पर है। अफसरों पर नियंत्रण नहीं हैं। सपा के पहले साल के शासन में सूबे में 6 हजार हत्या, नौ हजार बलात्कार और दूसरे साल में सात हजार हत्या और दस हजार बलात्कार हो चुके हैं। आगे और भी बुरा हाल होगा। कांग्रेस और राहुल के बारे में कहा कि वह सिर्फ सुर्खियों के लिए गंावों और झोपड़ियों में जाते हैं। पूूर्व मंत्री रामबीर उपाध्याय ने कहा कि सपा के शासन में कब्जे की राजनीति हो रही है। जुर्म बढ़ रहे हैं। इस मौके पर जिलाध्यक्ष जयभगवान जाटव, प्रदीप जाटव, मुकेश जाटव, लालजी वर्मा, विधायक लोकेश, सुबोध कश्यप, विधायक गजेंद्र सिंह, अनिल शर्मा, कुश शर्मा, देवेंद्र भारद्वाज, कमल जाटव, संजय राजा, हरिओम दूबे, प्यारे लाल जाटव, मुन्ना लाल, कपिल त्यागी ने विचार रखे।

ब्राह्मणों को झकझोर गए
बुलंदशहर। बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्र ब्राह्मणों को झकझोर गए। उन्होंने गुजरात से लेकर यूपी तक समाज के कद्दावर और सम्मानित नेताओं की बेइज्जती का ब्योरा देकर भाजपा को जिम्मेदार बताया। उन्होंने ब्राह्म्णों को समझाया कि बहनजी ने ही इस समाज को इज्जत दी है। बसपा ही ब्राह्मणों की सबसे बड़ी हमदर्द है। बताया कि ब्राहम्ण, दलित और अल्पसंख्यकों के गठजोड़ से दिल्ली का रास्ता तय होगा। कहा कि 2007 की तरह ही ब्राह्मण, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यकों के गठजोड़ के बल पर दिल्ली का सफर तय किया जा सकता है। सतीश मिश्रा समाज के लोगों को बसपा के पक्ष में लाने के लिए शिकारपुर आए थे। उन्होंने समाज के लोगों को हर तरह से साधने की कोशिश की। भाजपा को दुश्मन नंबर एक बताने में पीछे नहीं रहे। बताया कि भाजपा ने गुजरात में ही हरेन पाठक को बेइज्जत किया। समाज के एक अन्य मंत्री पांड्या को हटा दिया। बाद में उनकी हत्या हो गई। गुजरात में समाज के ही तीन आईएएस, तीन आईपीएस और कई अफसरों का उत्पीड़न कर जेल में डाल दिया गया। गुजरात से समाज के अकेले मंत्री को हटा दिया गया। बिहार से सांसद चौबे जी का टिकट काटकर बेइज्जत किया। वाराणसी में मदनमोहन मालवीय का अपमान किया। खुद की पार्टी में मौजूद समाज के लोगों को भी नहीं बख्शा। मुरली मनोहर जोशी, कलराज मिश्र और केसरी नाथ त्रिपाठी को बेइज्जत किया। समाज के लोगों को जोड़ने के लिए मिश्रा ने कहा कि अपने बड़ों की बेइज्जती का बदला लेने का वक्त आ गया है। ब्राहम्ण14 प्रतिशत हैं। 21 प्रतिशत दलित हैं। अल्पसंख्यक और पिछड़े मिलकर बेइज्जती करने वालों की जमानत जब्त करा दो। बहनजी ने समाज के लोगों को 89 टिकट विधानसभा में दिए थे। 13 मंत्री बनाए थे। इस बार 21 टिकट दिए हैं।
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