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टीईटी: अपने अभ्यर्थी तो परीक्षक होंगे ‘बाहर’

Tue, 11 Feb 2014 05:44 AM IST
Bulandshahr
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बुलंदशहर। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने कमर कस ली है। नियमों को कड़ा करते हुए प्रशासन को आदेश दिए हैं कि कक्ष निरीक्षकों से प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा कि उनका संबंधी या आश्रित इस परीक्षा में नहीं बैठ रहा है। यदि ऐसा कोई है तो उन्हें इस उत्तरदायित्व से अलग रखा जाए। बता दें कि जिले में 22 और 23 फरवरी को शिक्षक पात्रता परीक्षा होनी है। परीक्षा में कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी नीना श्रीवास्तव ने केंद्र व्यवस्थापकों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति के नियम को कड़ा किया गया है। इसकी सूचना जिला प्रशासन को दे दी है। केंद्र व्यवस्थापकों से कहा है कि कक्ष निरीक्षकों से फार्म संख्या 11 पर यह प्रमाण पत्र प्राप्त होना चाहिए कि उसका कोई संबंधी या आश्रित उक्त परीक्षा में उस केंद्र पर नहीं बैठ रहा है। डीआईओएस आशुतोष भारद्वाज ने बताया कि शासन से दिशा-निर्देश मिले हैं जिन्हें केंद्र व्यवस्थापकों को भेज दिया गया है।
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पांच लोगों का होगा सचल दस्ता
बुलंदशहर। परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए बनाए गए सचल दस्ते में 3 से 5 लोग रहेंगे। परीक्षा के दौरान किसी भी समय सचल दस्ते के सदस्य परीक्षा केंद्र पर निरीक्षण कर सकते हैं। परीक्षार्थी द्वारा अनुचित सामग्री का उपयोग करने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। पकड़े जाने पर केंद्र अध्यक्ष द्वारा एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, सचल दस्ता परीक्षार्थी को अवैध सामग्री का प्रयोग करता हुआ पकड़ता है, तो वह अवैध सामग्री पर परीक्षार्थी एवं कक्ष निरीक्षक के हस्ताक्षर के साथ-साथ केंद्राध्यक्ष के हस्ताक्षर जरूरी हैं।
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