कब्रिस्तान के पास तीन झोपड़ियां उजाड़ीं, सर्द रात में बाहर रहने से दो बच्चे हुए बीमार
पहासू। पुलिस की गुंडई से कस्बे के लोगों में भय और आक्रोश है। सोमवार रात भी पहासू पुलिस ने ऐसा ही कुछ किया। पहासू-छतारी मार्ग स्थित कब्रिस्तान के पास पुलिस ने बर्बरता पूर्ण कार्रवाई कर तीन झोपड़ियां उजाड़ दीं। इसके चलते तीन परिवारों को सर्द रात में खुले आसमान के नीचे रहना पड़ा। मंगलवार को जहां पीड़ित परिवारों ने एसडीएम कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई, वहीं सपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में थाने पर प्रदर्शन किया। उन्होंने एसओ को हटाने की मांग की है।
छतारी-पहासू मार्ग स्थित कब्रिस्तान की देखभाल के लिए कमेटी ने तीन परिवार को झोपड़ी बना कर रहने की इजाजत दी है। सोमवार रात दस बजे पुलिस ने ऐसा कहर बरपाया कि सभी बेखर हो गए। बेरहम पुलिस ने सर्द रात में पहुंचकर गुंडई दिखाते हुए तीन झोपड़ियां तोड़ डाली और सामान भी तहस नहस कर दिया। जबकि परिवार में शामिल महिलाएं मासूम बच्चों की दुहाई देकर पुलिसकर्मियों को रोकती रहीं। लेकिन बेरहम पहासू पुलिस ने तीनों परिवार को बेघर करके ही दम लिया। ठंड लगने से दो मासूम नगीना (6) और शहनाज (8) को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
मंगलवार को पीड़ित इरशाद खां, अलीमुद्दीन, बशरी खां ने एसडीएम शिकारपुर योगेश कुमार से शिकायत कर मदद की गुहार लगाई। कब्रिस्तान कमेटी के जमील अहमद और कमाल अख्तर का कहना है कि पुलिस ने कार्रवाई से पहले कोई सूचना नहीं दी। यदि कोई आपत्ति थी तो वे खुद परिवारों को लोगों का हटाते।