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पुलिसवाले को जान का खतरा

Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
Bulandshahr
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बुलंदशहर। दस वर्ष पहले दादा द्वारा की गई रजिस्टर्ड वसियत दिल्ली में तैनात एक पुलिसकर्मी और उसके परिवार के लिए मुसीबत बन गई है। परिवार के लोगों को उनका हिस्सा देने के बावजूद वह उनसे रंजिश मानते हैं। पुलिसकर्मी के पिता ने एसएसपी को तहरीर देकर जान माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
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औरंगाबाद थाना क्षेत्र के गांव बिसुंधरा निवासी नानक चंद ने बताया कि उनका बेटा विनोद दिल्ली पुलिस में कार्यरत है। दस वर्ष पहले नानक चंद के पिता धनीराम ने विनोद के नाम मकान और दुकान की वसीयत कर दी थी। इसके ढाई वर्ष बाद धनीराम की मृत्यु हो गई। वसीयत की जानकारी होने पर नानक चंद के परिवार के लोगों ने विरोध और विवाद किया। इस बात को लेकर गांव में पंचायत हुई। पंचायत में नानक चंद ने पिता की संपत्ति का बराबर हिस्सा अपने भाई के पुत्रों को दे दिया। इसके बावजूद आरोपी उनके हिस्से की संपत्ति को हड़पना चाहते हैं। दोनों पक्षों का संपत्ति विवाद कोर्ट में भी विचाराधीन है। नानक चंद का आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोग विनोद और उसके परिवार के लोगों की हत्या कर सकते हैं। नानक चंद ने एसएसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
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