सिकंदराबाद। गुलावठी रोड स्थित आश्रम में शुक्रवार रात डकैतों ने हथियारों के बल पर पुजारियों को बंधक बनाकर लूटपाट की। विरोध करने पर एक पुजारी को गोली मार दी। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस को तहरीर दे दी गई है। आश्रम में वारदात उस समय हुई जब पुलिस की जीप गुलावठी रोड पर गश्त कर रही थी।
गुलावठी रोड स्थित कांवरा मार्ग पर उदासीन पंचायत बड़ा अखाड़ा आश्रम है। आश्रम की देखरेख महाराज प्रकाश दास करते हैं। शुक्रवार को महाराज प्रकाश दास बाहर गए थे। रात करीब दो बजे 10-12 बदमाश आश्रम में घुस आए। 3 बदमाश आश्रम परिसर में खड़े रहे और कुछ बाहर पहरा देते रहे। 4 बदमाश आश्रम की कुटिया में घुसे। जयप्रकाश और उनकी अम्मा विद्या देवी आराम कर रहीं थीं। एक बदमाश ने जयप्रकाश से दादूपुर का रास्ता पूछा। इससे पहले जयप्रकाश मंशा जान पाते कि बदमाशों ने हमला बोल दिया। एक बदमाश ने धारदार हथियार से वार कर जयप्रकाश को घायल कर दिया। बदमाशों ने विद्या देवी और जयप्रकाश को कुटिया में बंधक बना लिया। बदमाश वारदात कर ही रहे थे कि गुलावठी रोड पर सायरन बजाती हुए पुलिस की जिप्सी गुजरी और निकल गई। इसके बाद बेखौफ बदमाशों ने लूटपाट शुरू कर दी। बदमाशों ने विद्यादेवी और जयप्रकाश से करीब 3 हजार रुपये लूट लिए। बदमाशों ने विरोध करने पर पास की कुटिया में बैठे पुजारी रामरतन को गोली मार दी। एक गोली रामरतन की बाजू और दूसरी गोली पेट में लगी। गंभीर हालत में पुजारी को बुलंदशहर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मामला संदिग्ध
मामला संदिग्ध लग रहा है। जांच की जा रही है। आश्रम की जमीन को लेकर पूर्व में विवाद हो चुका है। हो सकता है वारदात उसी विवाद का नतीजा हो। रही बात गश्त की, पुलिस हर घर और गली की निगरानी नहीं करती। पुलिस का सायरन ही काफी होता है। कुछ दिन पहले आश्रम प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था की मांग की थी।
शैलेंद्र श्रीवास्तव, डीएसपी, सिकंदराबाद
पुलिस पर भड़के पुजारी और श्रद्धालु
सिकंदराबाद। पुलिस की निष्क्रियता को लेकर शनिवार को बाबा के श्रद्धालुओं ने आश्रम में पंचायत की। जिसमें लोगों ने कहा कि अगर पुलिस 24 घंटे में वारदात का खुलासा नहीं करती है तो आंदोलन होगा। पंचायत में चार गांव के लोग शामिल हुए। आश्रम प्रबंधन का कहना है कि कुछ दिन पहले कोतवाली पुलिस से आश्रम की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई थी, लेकिन पुलिस सोती रही और वारदात हो गई। प्रकाश दास महाराज ने कहा कि 24 घंटे में यदि आरोपी नहीं पकड़े गए तो साधू-संत आंदोलन चलाएंगे। वहां पर सेवक राम, हृदयपुर के महिपाल सिंह, गुलावठी के राजपाल, हीरालाल गढ़ी के सुरेंद्र सिंह और सिकंदराबाद के नरपत सिंह आदि मौजूद रहे।