राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर डीएवी कालेज के मैदान पर 6600 छात्राओं और अध्यापिकाओं ने लगातार 12 मिनट तक राष्ट्रध्वज फहराकर और 21 बार राष्ट्रगान गाकर लिम्का बुक में दर्ज रिकार्ड को तोड़ने का दावा किया। इससे पहले विशाखापट्टनम में 24 जनवरी 2012 को 11.11 मिनट तक राष्ट्रध्वज फहराने और 21 बार लगातार राष्ट्रगान गाने का रिकार्ड बनाया गया था।
मतदाता दिवस पर डीएवी इंटर कॉलेज के मैदान में 6600 छात्राओं और अध्यापिकाओं ने मानव श्रंखला से भारत का नक्शा बनाया। निकुंज तोमर ने बिना रुके 12 मिनट तक राष्ट्रध्वज फहराकर कीर्तिमान स्थापित करने का दावा किया। ये रिकार्ड विशाखापटनम में 6508 छात्र छात्राओं ने 24 जनवरी 2012 को लिमका बुक में दर्ज कराया था।
बुलंदशहर के डीएवी कालेज के मैदान में 6600 छात्राओें और शिक्षिकाओं की मौजूदगी में 12 मिनट तक झंडा फहरा नया रिकार्ड बनाने का दावा किया। 21 बार नेशनल एंथम गाने का रिकार्ड भी विशाखापटनम के स्कूल के नाम पर दर्ज है।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला निर्वाचन अधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने मां सरस्तवती के चित्र के सामने दीप जलाकर किया। उन्होंने कहा सातवां मतदाता दिवस त्योहार के रूप में मनाया जा रहा है। छात्राआ से शत-प्र्रतिशत वोट करने और पड़ोसी से भी शत प्रतिशत वोट कराने की अपील की। डीएम ने पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं को मतदान की शपथ दिलाई।
गश खाकर गिरीं छात्राएं, एंबुलेंस में मिला उपचार
मतदाता दिवस पर राष्ट्रगान की कतार में खड़ी आधा दर्जन छात्राएं गश खाकर अचानक गिर पड़ी। बच्चियों को एंबुलेंस से सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनको घर भेज दिया गया। बच्चियां कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए देहात क्षेत्र से पहुंची थी। वहीं, स्वासथ्य विभाग की एंबुलेंस एहतियातन मौके पर खड़ी थी।
डीएवी कॉलेज में मतदाता जागरूकता के दौरान करीब आधा दर्जन बच्चियां गश खाकर जमीन पर गिर गई। आननफानन में एंबुलेंस से बच्चियों को जिला अस्पताल में पहुंचाया गया। जहां उनको प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया। गनीमत यह रही कि स्वास्थ्य विभाग ने अनहोनी की आशंका के चलते एबूलेंस को मौके पर ही खड़ी करवा रखा था। ऐसे में बच्चियों को समय से अस्पताल पहुंचा दिया गया। एंबुलेंस नहीं होने की स्थिति में हालात बिगड़ सकते थे।
पांच छह बच्चियां थोड़ा असामान्य हो गईं थी। उनको अस्पताल पहुंचाया गया। चेकअप में कोई बीमारी नहीं पाई गई। कुछ ही देर में बच्चियों को घर भेज दिया गया।
- जसजीत कौर,सीडीओ