शहरों और गांवों को रोशन करने के लिए दीनदयाल ग्रामीण ज्योति योजना और इंटीग्रेटेड पावर डवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) के तहत करीब 400 करोड़ रुपये के विद्युतीकरण कार्य कराए जाएंगे। योजना के तहत 20 नए बिजलीघर भी बनाए जाएंगे।
गांवों में दीनदयाल ग्रामीण ज्योति योजना के तहत 250 करोड़ और शहरी क्षेत्र में आईपीडीएस के तहत करीब 150 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। बताया गया था कि केंद्र से अखिलेश कार्यकाल में मई 2016 से ही बजट जारी नहीं होने के कारण काम की रफ्तार मंद हो गई थी।
योजना के तहत 20 नए बिजलीघरों का प्रस्ताव भी दिया गया था। इनके लिए जमीन भी चिह्नित हो गई थी, लेकिन टेंडर जारी नहीं हो सके थे। इसके अलावा गांवों और शहरों में भी विद्युतीकरण कार्य मंद हो गए थे। अब प्रदेश की भाजपा सरकार में केंद्र की भाजपा सरकार के सहयोग से काम की रफ्तार तेज हो जाएगी।
योजना के तहत गांवों में नई बिजली लाइनों का निर्माण, नए ट्रांसफार्मर, ट्यूबवेल और घरेलू लाइनों को अलग-अलग करने का काम किया जाएगा। इसके अलावा शहरों में योजना के तहत जर्जर लाइनों को बदलने, नई लाइनों का निर्माण,
संवेदनशील क्षेत्र में एबीसी लाइनों का निर्माण, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि और बिजलीघरों की क्षमता वृद्धि का काम किया जाएगा। इसके अलावा जिले के 20 स्थानों पर नए बिजलीघरों का निर्माण भी किया जाएगा।
दीनदयाल ग्रामीण ज्योति योजना और आईपीडीएस योजना के तहत जनपद में करीब 400 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए जाएंगे। प्रदेश की भाजपा सरकार में योजना की धीमी रफ्तार को गति मिल सकेगी। इसके अलावा विद्युतीकरण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ जल्द पूरे किए जा सकेंगे। -राजेश सिंह, अधीक्षण अभियंता