वित्तीय वर्ष 2017-18 में जिले का विकास 379.27 करोड़ रुपये से होगा। सीडीओ ने अफसरों को अपने अपने विभाग के प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दे दिया है। इस क्रम में सांसद, विधायक, एमएलसी, जिला पंचायत अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्यों को चिट्ठी जारी करने की तैयारी है।
जिला योजना बोर्ड में अधिकारी अपने अपने विभाग के प्रस्ताव और प्रोजेक्टस अध्यक्ष के सामने रखेंगे। सीडीओ के निर्देश पर विभागीय अधिकारी प्रस्ताव बनाने में जुट गए हैं। इस बार जिला योजना का फोकस निर्माण कार्यों पर होगा।
खासतौर पर गांवों में सड़क, खड़ंजे और इंटरलॉकिंग टाइल्स के निर्माण को तवज्जो मिलेगी। कुल मिलाकर मौजूदा सत्र में होने वाली जिला योजना 379.27 करोड़ रुपये की होगी। पिछली योजना में 375 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृति किए गए थे।
जिला योजना की धनराशि से जिले में सड़क, नाली, खड़ंजे, तालाब, हैंडपंप, नलकूप, खाद, बीज, कृषि यंत्रिकरण योजनाओं पर काम होगा। जिला योजना शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन और विकास आदि की राह भी तय करेगी।
सीडीओ जसजीत कौर ने बताया कि जिला योजना के लिए प्रभारी मंत्री ने 12 मई की तिथि निर्धारित की थी। विधानसभा सत्र शुरू होने के कारण 12 तारीख टाल दी गई है। उन्होंने बताया कि मई माह में बोर्ड बैठक होनी है।
सीडीओ जसजीत कौर ने बताया कि जिला योजना में अबकी बार सड़क, खड़ंजा, इंटरलॉकिंग टाइल्स, बिजली और पानी को तवज्जो दी जाएगी। गांवों में विकास का रास्ता प्रशस्त होगा। इस संबंध में अफसरों को दिशा निर्देश भी दे दिए हैं।
गांवों में सड़क और खड़ंजों की सेहत ठीक नहीं है। जिला योजना के प्रस्तावों को स्वीकृति मिलने के बाद जिला योजना शासन के पास भेजी जाएगी। शासन स्तर पर हर एक प्रस्ताव में आने वाले खर्च का अवलोकन होगा और इसके बाद स्वीकृ़त धनराशि रिलीज हो पाएगी। इसी धनराशि से जिलेभर में विकास कार्य कराए जाएंगे।