सुकमा (छत्तीसगढ़) में नक्सलियों से मुठभेड़ के दौरान गोलियां लगने से घायल हुए गुलावठी क्षेत्र के ग्राम चंद्रपुरा निवासी सीआरपीएफ जवान शेर मोहम्मद शुक्रवार इलाज के बाद अपने गांव पहुंचे।
ग्रामीणों ने गांव के इस बहादुर लाल के स्वागत में पलक पांवडे़ बिछा दिए। ग्रामीणों ने शेर मोहम्मद के शानदार स्वागत की तैयारी कर रखी थी, लेकिन शेर मोहम्मद ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि यह स्वागत का समय नही है।
हम अपने जांबाज साथियों की शहादत पर गमगीन है। शहीदों एवं घायलों के लिए उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर दुआ की। अपने साथियों की मौत से वह काफी दुखी नजर आ रहे थे।
शेर मोहम्मद के घर पर मौजूद उसके परिजनों मां फरीदन बेगम, भाई वारिश, पत्नी गुलिस्तां परवीन, हकीकत चौहान, शाहनवाज, मुबारक अली एवं ग्रामीणों मुबीन खां, गुलफाम, हाजी नियाज मोहम्मद, सरफुद्दीन, मुजामिल, शौकीन आदि ने जब शेर मोहम्मद की बहादुरी की दास्तान सुनाई तो शेर मोहम्मद का कहना था कि प्रत्येक सैनिक अथवा सुरक्षा बल के जवान का एक ही जज्बा होता है। हर कीमत पर अपने देश व देशवासियों की सुरक्षा करना।