बुलंदशहर। स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं जिले की महिलाएं अब विद्युत सखी बनकर न सिर्फ स्वरोजगार की राह पर आगे बढ़ रही हैं, बल्कि अपने गांवों में बिजली विभाग की समस्याओं को भी हल कर रहीं हैं। जिले की 369 समूह की महिलाओं को विद्युत सखी बनाया गया है। अब यह महिलाएं बिजली का बिल जमा कर उससे मिलने वाले कमीशन की राशि से कमाई कर आत्मनिर्भर बनेंगी।
ऊर्जा निगम और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ने मिलकर यह नवाचार शुरू किया। महिलाओं ने इस कार्य को चुनौती मानकर स्वीकार किया और दक्ष विद्युत सखियां बनकर साबित कर दिया कि कोई भी काम असंभव नहीं है।
उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन के उपायुक्त स्वत: रोजगार सूबेदार सिंह ने बताया कि अब जिले की सभी 946 ग्राम पंचायतों पर विद्युत सखी तैनात हो गई हैं। इनमें से 577 महिलाओं को पूर्व में विद्युत सखी बनाकर जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब 369 और महिलाओं को विद्युत सखी बनाया गया है। इनको भी बिजली बिल जमा करने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
बताया कि 100 रुपये का बिजली बिल जमा करने पर एक प्रतिशत तक कमीशन मिलता है। यह न सिर्फ विद्युत सखी बनी महिलाओं की आमदनी का जरिया बन गया है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार की राह दिखा रहा है।