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बुलंदशहर: खसरे का टीका लगने के बाद 18 माह की बच्ची की मौत, परिवार में मचा कोहराम

Sun, 03 Jan 2021 01:20 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, अरनिया/बुलंदशहर
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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बुलंदशहर के क्योली खुर्द गांव में मीजल्स एंड रुबेला वैक्सीन लगने के कुछ देर बाद 18 माह की मासूम बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने गलत टीका लगाने का आरोप लगाकर सामुदायिक केंद्र पर हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। 
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अस्पताल के कर्मचारियों ने समझा बुझाकर उन्हें शांत किया। मृतक बच्ची के पिता ने पुलिस को मामले की तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। थाना क्षेत्र के गांव क्योली खुर्द निवासी हरकेश ने बताया कि शनिवार की सुबह करीब 11 बजे बच्चों के टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में आई थी। 

आरोप है कि टीका लगने के बाद ही उनकी 18 माह की बेटी महक सो गई। काफी देर तक जब वह नहीं उठी तो परिजनों ने उसे जगाने की कोशिश की। लेकिन वह बेहोशी की हालत में होने के कारण नहीं जगी। बच्ची की हालत को देखकर परिजनों के होश उड़ गए। 
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परिवार में अफरातफरी मच गई। आनन-फानन में परिजन बेहोशी की हालत में बच्ची को लेकर मुनी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। जहां पर स्वास्थ्य जांच के बाद चिकित्सकों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। मासूम बच्ची महक की मौत की खबर सुनकर परिजनों में कोहराम मच गया। 

घटना की जानकारी मिलते ही गांव के अन्य लोग भी आ गए। मृतक बच्ची के पिता ने आरोप लगाया कि टीका लगने से उसकी बेटी की मौत हो गई। परिजनों के साथ मिलकर ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र पर हंगामा करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गलत टीका लगाने का आरोप लगाया। 

मामला बढ़ते देख स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद कर्मचारी पहुंच गए। उन्होंने बच्ची के परिजनों और ग्रामीणों को किसी तरह समझा-बुझाकर शांत किया। इसके बाद मृतक बच्ची के पिता ने थाने में पहुंचकर तहरीर दी। साथ ही मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। 

मुनी स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. जगवीर सिंह यादव ने कहा कि टीम भेजकर बच्चों को टीका लगाने का काम चल रहा है। इसी के तहत क्योली खुर्द गांव समेत अन्य गांवों में भी टीम भेजा गया था। रूटीन टीकाकरण में गांव के 10 बच्चों को टीका लगाया गया है। टीका लगने के बाद अन्य बच्चों को कोई भी परेशानी नहीं हुई। वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। ऐसे में टीकाकरण से बच्ची की मौत नहीं हुई है। 

क्या है मीजल्स एंड रुबेला वैक्सीन
मीजल्स एंड रुबेला को देश में खसरे के नाम से जाना जाता है। खसरा और रूबेला बच्चों में होने वाली एक खतरनाक बीमारी है। इसके कारण बच्चों में विकलांगता और असमय मृत्यु का खतरा बना रहता है। 

गर्भावस्था के दौरान अगर किसी महिला को रुबेला या खसरा हो जाए तो इसका असर उसके बच्चे के लिए खतरनाक होता है। मीजल्स रुबेला वैक्सीन को आम तौर पर बच्चों को खसरे की बीमारी से बचाव के लिए लगाया जाता है।

टीकाकरण से बच्चे की मौत नहीं हो सकती। हो सकता है बच्चे को पहले से कोई डिजीज हो। इसके कारण उसकी मौत हो गई हो। टीके से कोई नुकसान नहीं होता है। टीकाकरण से बीमारियां दूर रहती हैं। 
-डॉ डीपी सिंह, चिकित्सक

बच्ची की मौत को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर हंगामे की सूचना पर पुलिस भेजी गई थी। मामले में परिजनों की ओर से कोई तहरीर अभी तक नहीं मिली है। न ही परिवार के लोग मृतक बच्ची का पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए। अगर कोई तहरीर मिलती है तो उसके आधार पर मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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-अल्ताफ अंसारी, थाना प्रभारी अरनिया
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