अब एक पोर्टल पर होगा टीबी और एचआइवी पीड़ितों को डाटा
बुलंदशहर। टीबी पीड़ितों को अब पौष्टिक आहार की सहायता लेने में कोई असुविधा न होगी, इसके लिए केंद्र सरकार ने सोमवार को निक्षय पोर्टल में बदलाव कर निक्षय-2 लांच किया है। एप पर एचआइवी 99 डाट्स को भी जोड़ा गया है। साथ ही टीबी रोगी की सीबीनॉट मशीन से जांच होते ही रिपोर्ट पोर्टल पर पहुंचेगी।
देश से 2025 तक क्षय रोग (टीबी) को पूरी तरह से खत्म करने के संकल्प को साकार करने को लेकर अब निक्षय पोर्टल में खास बदलाव किया गया गया है। केंद्र सरकार ने पहले के निक्षय पोर्टल को समाप्त कर उसके स्थान पर निक्षय-2 लांच किया है। नए पोर्टल से सीबीनॉट मशीन पर जांच के साथ ही टीबी के मरीज का डाटा पोर्टल पर ऑनलाइन हो जाएगा। जानकारी के अनुसार अभी तक निक्षय पोर्टल केवल डेस्क टॉप पर ही ऑपरेट किया जा रहा था, जिससे अफसरों के साथ-साथ मरीजों को भी डाटा अपडेट कराने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन नए वर्जन में उसे मोबाइल और लैपटॉप पर भी ऑपरेट होने से अब नोटिफिकेशन में विलंब नहीं होगा। साथ ही मरीजों को भी पोर्टल से काफी राहत मिलेगी।
बैंक डिटेल भी हो जाएगा अपलोड
टीबी मरीज को पोर्टल पर नोटिफाई करते ही उनका बैंक डिटेल भी अपडेट हो जाएगा और इलाज शुरू होने के साथ ही उन्हें पांच सौ रुपये मासिक की पौष्टिक आहार राशि भी मिलने लगेगी। नए पोर्टल से पौष्टिक आहार राशि न मिलने की शिकायतें भी नहीं रहेंगी। अब सीधे पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) तक डाटा पहुंच जाएगा और मरीज के आधार से लिंक बैंक खाते में पौष्टिक आहार राशि पहुंच जाएगी।
मरीज को मिलेंगे अब डिजिटल आइडी नंबर
निक्षय पोर्टल-2 में यह व्यवस्था की गई है कि टीबी मरीज के नोटिफिकेशन के साथ ही उसे छह से सात अंकों की एक डिजिटल आईडी आवंटित की जाएगी। इस आईडी के जरिये देश के किसी भी कोने में टीबी मरीज के बारे में सारी जानकारी ली जा सकेगी। साथ ही इससे पता चल सकेगा कि उसका क्या-क्या इलाज हुआ है और फालोअप की क्या स्थिति है।
कोट
शासन ने टीबी रोगियों के चल रह निक्षय पोर्टल में बदलाव किया है। नए निक्षय पोर्टल-2 से क्षयरोगियों के इलाज की मॉनिटरिंग से लेकर पौष्टिक आहार राशि समय से उनके खातों में पहुंचेगी। नए पोर्टल के बारे में स्वास्थ्य कर्मियों को जल्द ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। - डॉ. केएन तिवारी, मुख्य चिकित्साधिकारी