विश्वविद्यालय की मांग को रालोद ने भी दिया समर्थन
- बैठक कर बनाई रणनीति, लोकसभा चुनाव में बनाया जाएगा मुद्दा
- छात्र-छात्राओं की मांग ने भी पकड़ा और जोर, सबकी मांग जिले में बने विश्वविद्यालय
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिले में विश्वविद्यालय की मांग को लेकर राजनैतिक संगठन भी आगे आने लगे हैं। इस मांग को लेकर और छात्र-छात्राओं की आवाज शासन तक पहुंचाने के लिए अमर उजाला की ओर से एक मुहिम शुरू की गई है। इस मुहिम के तहत छात्र-छात्राओं की आवाज बुलंद करते हुए शासन तक पहुंचाया जाएगा। इस पहल का नतीजा यह है कि अब छात्र-छात्राओं के साथ राजनैतिक संगठन भी मुहिम को समर्थन देने लगे हैं। सबकी चाह है कि जिले में विवि बने, ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा जनपद में ही मिल सके।
राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कैंप कार्यालय पर बैठक कर छात्रों के विवि की मांग का समर्थन किया। जिलाध्यक्ष आसिफ गाजी ने कहा जिले में विश्वविद्यालय की सख्त जरूरत है और यह मांग पिछले काफी समय से चली आ रही है। विवि बनने से सभी समाज के छात्र-छात्रओं को लाभ मिलेगा और जिले से बाहर जाने से भी निजात मिलेगी। अमर उजाला ने इस मांग को पूरा करवाने की जो पहल की है। वह काबिले तारीफ है। इसलिए रालोद इस मांग को पूरा करवाने के लिए जिले में संपर्क अभियान चलाएगा। उन्होंने बताया कि इस मांग को लोकसभा चुनाव में मुद्दा बनाया जाएगा। बैठक में प्रदेश महासचिव अरुण चौधरी, प्रदेश सचिव अतुल बाल्मीकि, फरमान अली, हाजी अखलाक, योगेश, श्याम प्रजापति, पृथ्वी सिंह लोधी, रियाज अंसारी, दीपक गुप्ता, जवाद अली आदि शामिल रहे।
छात्र-छात्राओं के बोल
अमर उजाला द्वारा जिले में विश्वविद्यालय बनाने की पहल की मैं तारीफ करती हूं। यदि इस पहले से जिले में विवि बन जाता है तो सबसे अधिक परेशानी छात्राओं की दूर होगी। - छात्रा छाया।
जिले में सरकारी और एडेड महाविद्यालयों की कमी से अधिकतर विद्यार्थी प्रवेश से वंचित रह जाते हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या छात्राओं की होती है। यूनिवर्सिटी बनने से प्रवेश की चिंता नहीं रहेगी और सबको प्रवेश का मौका मिलने के साथ उच्च शिक्षा मिलेगी। - छात्रा पूजा।
विवि बनने पर जिले की छात्राओं को दूसरे जिलों के कॉलेजों में में शिक्षा के लिए जाने से मुक्ति मिलेगी। साथ ही प्राइवेट महाविद्यालयों द्वारा ली जाने वाली महंगी फीस आदि से भी छुटकारा मिलेगा। - छात्रा प्रियंका।
विवि की मांग के लिए शासन तक आवास पहुंचाने में सभी को आगे आना चाहिए। जिले में विवि की मांग को यदि शासन द्वारा पूरा कर दिया जाता है तो छात्राओं को जिले से बाहर नहीं जाना पड़ेगा और प्रवेश के लिए भटकने से भी मुक्ति मिलेगी। - छात्रा चंचल।
जिले के कॉलेजों में कम सीटों के चलते विद्यार्थी मन मारकर अपनी पसंदीदा विषय नहीं ले पाते। यदि विवि की मांग पूरी हो जाती है तो सभी तरह की परेशानी दूर हो जाएंगी और पसंदीदा विषय पढ़ने का मौका मिलेगा। - छात्र संजीव राणा।
जिले में इंटर पास करने वाले छात्र-छात्राओं में अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र से संबंधित होते हैं। उनकी चाह होती है कि उन्हें सरकारी व एडेड कॉलेज में प्रवेश मिले, लेकिन ऐसा नहीं होता। मन मारकर प्राइवेट महाविद्यालयों में ही प्रवेश लेना पड़ता है। - छात्र सचिन ठाकुर।
विवि की मांग को लेकर उठाई गई आवाज में सभी छात्र-छात्राओं को अपनी आवाज बुलंद कर शासन तक पहुंचानी होगी। अमर उजाला की इस मुहिम को सफल बनाने के लिए सभी विद्यार्थियों को आगे आने की जरूरत है। - छात्र सुमित कुमार।
जिले में विश्वविद्यालय की मांग की मुहिम में राजनैतिक दलों के साथ सामाजिक संगठनों को भी आगे आना होगा। इस मांग के लिए जिलावासियों को आवाज बुलंद करने की जरूरत है, ताकि शासन तक इसकी आवाज को पहुंचाया जा सके। - छात्र अनुज कुमार।
मनोज कुमार-