रमजान में महंगाई की मार, रोजेदार परेशान
- गत वर्ष की तुलना में 20 से 40 फीसदी तक बढ़े दाम
- ईंद से पहले ही दाम पहुंचे आसमान पर, लीची बनी पसंद
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। रमजान महीने में इस बार महंगाई की मार रोजेदारो को परेशान कर रही है। रोजा खोलने के दौरान उपयोग में आने वाली खाद्य सामग्री के दाम आसमान चूम रहे हैं। इस तपिश भरी तेज धूप और गर्मी के बीच शाम को इफ्तार के साथ खजूर, फल और लजीज पकवानों से रोजा खोलते हैं। रोजाना खजूर, फल उसकी पहुंच से दूर हो गए हैं।
गरीब से लेकर रसूख वाले रोजेदार दिन भर की भूख प्यास के बाद पौष्टिक आहार से रोजा खोलना चाहते हैं। खुद के साथ घर पर बच्चों की भी व्यवस्था करते है, लेकिन महंगाई की वजह से उसकी जेब खाली हो रही है। मौजूदा समय देखें तो फलों के दामों में पिछले साल की तुलना में 20 से 40 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी हुई है। रोजा खोलने के दौरान सबसे पहले खजूर खाने की प्रथा है। खजूर भी महंगाई से अछूता नहीं है। हालांकि इस वर्ष लीची के दाम कुछ कम हैं, जो कि रोजेदारों की पसंद बने हुए हैं।
दाम (प्रति किलो रुपये में)
फल मौजूदा रेट गत वर्ष के रेट
खजूर 220 190
सेब 200 140
अंगूर 150 120
लीची 120 120
पपीता 80 60
संतरा 60 60
आम 60 60
केला 50 20
तरबूज 20 15