विकास कार्यों में धांधलेबाजी को रोकेगा ‘भुवन’
बुलंदशहर। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर होने वाली धांधली और अनियमितता पर अब भुवन एप लगाम लगाएगा। इस एप के जरिए विकास कार्यों पर अफसर सीधे नजर रख सकेंगे और कार्य में भी पारदर्शिता आएगी।
अक्सर देखा जाता है कि विकास कार्यों में शिकायत के बाद अनियमितता की जांच की जाती है। कई मामलों में जांच काफी समय तक लटकी रहती है और कार्य नहीं होने से लोगों को परेशानी होती है। ऐसे में शासन ने काम में पारदर्शिता लाने के लिए भुवन एप लांच किया है। इसके प्रयोग से प्रधान एक काम को दूसरी बार नहीं करा पाएंगे। यह एप मनरेगा के कार्यों पर भी नजर रखेगा।
इस एप के माध्यम से ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों से पहले उस स्थान का फोटो लिया जाएगा, जहां पर काम होना है। फोटो लेने की जिम्मेदारी ग्राम सचिव की होगी। फोटो लेते समय मोबाइल की जीपीएस लोकेशन खुली होगी, जिससे जानकारी हो सकेगी कि फोटो किस गांव व किस स्थान का है। ग्राम सचिव द्वारा फोटो को एप पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद काम शुरू करा दिया जाएगा। एक फोटो काम होते समय तथा दूसरा फोटो काम पूरा होने पर खींचकर अपलोड करना होगा। ऐसा करने से प्रधान एक काम को कार्य योजना में बार-बार शामिल नहीं कर सकेंगे।
मनरेगा में भी काम करेगा एप
ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में ही नहीं, बल्कि मनरेगा के कामों पर भी यह एप काम करेगा। फोटो खींचने की जिम्मेदारी रोजगार सेवकों की होगी। इसके लिए रोजगार सेवकों को शासन द्वारा एंड्रॉयड फोन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
भुवन एप के द्वारा काम शुरू कर दिया गया है। ग्राम पंचायतों में जो भी विकास कार्य हो रहे हैं। उसकी जियो टैगिंग भी की जा रही है। इस एप से कार्य योजना में एक काम को दो बार शामिल नहीं किया जा सकेगा। खास बात तो यह है कि जो विकास कार्य एक बार हो जाएगा, वह चार साल बाद ही फिर से कार्य योजना में शामिल हो सकेगा, क्योंकि एप इससे पहले उस काम को स्वीकार नहीं करेगा। - अमरजीत सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी