चार चीनी मिलों पर किसानों का 219 करोड़ बकाया
बुलंदशहर। प्रदेश सरकार ने भले ही 14 दिन में चीनी मिलों से गन्ना भुगतान कराने का दावा किया हो लेकिन ये दावे धूमिल होते नजर आ रहे हैं। निर्धारित समय पर भुगतान नहीं कर चीनी मिलों ने शासन के आदेशों को ठेंगा दिखाया है। जिले की चार चीनी मिलों पर अभी भी गन्ना किसानों क ी 219 करोड़ की राशि बकाया है। भुगतान न होने से किसान अगली फसल की तैयारी भी नहीं कर पा रहा है।
जिले की अनूपशहर, अनामिका, साबित गढ़ और वेव शुुगर मिल ने इस बार 450 करोड़ से अधिक की राशि का गन्ना खरीदा। वेव चीनी मिल की बात करें तो अभी तक करीब आठ करोड़ की राशि का ही भुगतान हो पाया है। जबकि 47 करोड़ की राशि अभी भी शेष है। अफसरों का कहना है कि चीनी बिकनी शुरू हो गई है और अब किसानों के गन्ना बकाया का जल्द भुगतान शुरू होगा। अनूपशहर चीनी मिल पर अभी भी 49 करोड़ का बकाया चल रहा है। दावा किया जा रहा है कि छह करोड़ की राशि का भुगतान सोमवार को होगा। इसी तरह साबित गढ़ मिल पर 91 करोड़ और अनामिका चीनी मिल पर 32 करोड़ की राशि बकाया चल रही है। किसान रामभूल सिंह, समय सिंह, मुकेश और राजकुमार का कहना है कि खेती से होने वाली आय से ही किसान के घर का खर्च चलता है। लेकिन समय पर गन्ना भुगतान नहीं मिलने से जरूरत का काम नहीं हो रहा और आगामी फसल की तैयारी भी नहीं हो पा रही है। यदि इसी तरह चलता रहा तो अब उन्हें ब्याज पर राशि लेकर काम चलाना पड़ेगा।
तीन मिल हो चुकी हैं बंद, एक है चालू
जिले की तीन चीनी मिलें बंद हो चुकी हैं और एक चालू है। इनमें अनूपशहर, साबित गढ़ और वेव चीनी मिल शामिल हैं, जबकि अनामिका चीनी मिल में अभी भी गन्ना खरीदा जा रहा है। अफसरों का दावा है कि किसानों का एक भी गन्ना खेत में नहीं छोड़ा जाएगा।
किसानों के गन्ने का बकाया भुगतान करने के लिए सभी चीनी मिलों से संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही किसानों के गन्ने का भुगतान करवाया जाएगा। किसानों की परेशानी जल्द दूर होगी। - डीके सैनी, जिला गन्ना अधिकारी।
डीके सैनी ने डीसीओ का संभाला चार्ज
बुलंदशहर। डीके सैनी ने जिला गन्ना अधिकारी का चार्ज संभाल लिया है। इससे पहले वह बदायूं में तैनात थे और वहां से ट्रांसफर होकर बुलंदशहर आए हैं। जबकि तत्कालीन जिला गन्ना अधिकारी एपी सिंह का ट्रांसफर जिला फैजाबाद हो चुका है।