फीस जमा नहीं की तो छात्रों को क्लास से निकाला
बुलंदशहर/सिकंदराबाद। सिकंदराबाद स्थित डिवाइन एजूकेशनल इंस्टीट्यूट में फीस जमा न करने पर छात्रों को क्लास से निकाल दिया गया। इस पर भड़के अभिभावक स्कूल पहुंच गए और स्कूल प्रबंधक पर मनमानी फीस वसूलने और अभद्रता क ा आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। स्कूल प्रबंधन ने किसी तरह से अभिभावकों को शांत किया। इसके बाद अभिभावकों ने समाधान दिवस में एसडीएम सिकंदराबाद से शिकायत की।
अभिभावक मनोज कुमार, मोहित और सोनू ने बताया कि डिवाइन एजूकेशनल इंस्टीट्यूट ने शनिवार को छात्रा खुशी बालियान, जतन और चेतन आदि कई छात्रों को फीस जमा न करने की बात कहकर क्लास से निकाल दिया। इसकी जब उन्हें जानकारी मिली तो वह स्कूल पहुंचे और स्कूल प्रबंधन से इसका कारण पूछा। स्कूल प्रबंधन ने साफ कहा कि वर्कशीट, स्पोटर्स, स्मार्ट क्लास, एग्जाम और कंप्यूटर की फीस जमा नहीं की जाती तब तक इन छात्रों को स्कूल में शिक्षा नहीं दी जाएगी। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर अभद्रता करने और छात्रों का उत्पीड़न करने का भी आरोप लगाते हुए अभिभावकों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर स्कूल प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए और अभिभावकों को शांत करने का प्रयास किया। इसके बाद अभिभावक समाधान दिवस में पहुंचे और एसडीएम को शिकायत देकर स्कूल की मनमानी से अवगत कराते हुए न्याय की गुहार लगाई। एसडीएम ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
शासन के आदेश के बाद भी नहीं सुधर रहे हालात
शासन ने अध्यादेश जारी कर सख्त आदेश दिए हैं कि कोई भी शिक्षण संस्थान मनमानी नहीं कर पाएगा। जिला प्रशासन की तरफ से भी सख्ती कर दी गई हो लेकिन निजी स्कूल संचालको के सामने सब कुछ बौना साबित हो रहा है। निजी स्कूल संचालक एनुअल चार्ज वसूलने के नए नए फंडे अपना रहे हैं। इतना ही नहीं अधिकतर स्कूलों में आज भी किताब, वर्दी और अन्य सुविधाओं के नाम पर वसूली की जा रही है। इसका जीता जागता परिणाम शनिवार को डिवाइन एजूकेशनल इंस्टीट्यूट में सामने आया मामला रहा। इस मामले ने शासन द्वारा उठाए गए कदम को दरकिनार करने का काम किया है।
अभिभावकों की डिवाइन एजूकेशनल इंस्टीट्यूट द्वारा वसूली जा रही फीस के आरोप की शिकायत उन्हें मिल गई है। प्रकरण की जांच के लिए सोमवार अभिभावक और स्कूल प्रबंधन को तलब किया गया है। शिकायत सही पाए जाने पर कार्रवाई होगी। - वेदप्रकाश मिश्रा, एसडीएम सिकंदराबाद।
स्कूल से निकाले गए छात्रों की शिकायत अभी नहीं मिली है। यह गंभीर मामला है और शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। शासन के अध्यादेश के तहत यदि कोई शिक्षण संस्थान वर्कशीट, स्पोटर्स फीस, स्मार्ट क्लास, एग्जाम फीस और कंप्यूटर आदि फीस लेता है तो उसे यह सभी सुविधाएं छात्रों को उपलब्ध करवानी होगी, अन्यथा कार्रवाई का भी प्रावधान है। - डॉ. पूरन सिंह, प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक, बुलंदशहर।
किसी भी बच्चे को क्लास से नहीं निकाला गया है। उनसे फीस जमा करने की बात कही गई थी और किसी भी अभिभावक अथवा छात्र से अभद्रता नहीं की गई। जो भी फीस ली जा रही है, उसकी सुविधा स्कूल में दी जा रही है। लगाए जा रहे आरोप गलत हैं और इसे बेवजह तूल दिया जा रहा है। - पूनम शर्मा, प्रधानाचार्य, डिवाइन एजूकेशनल इंस्टीट्यूट, सिकंदराबाद।