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24 घंटे बाद भी विस्फोट के कारणों का नहीं लगा सुराग

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24 घंटे बाद भी विस्फोट के कारणों का नहीं लगा सुराग
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- देर रात आगरा से आई फोरेंसिक टीम ने लिए नमूने
- शब्बू खां के परिवार में दो मौत के बाद पसरा सन्नाटा
अमर उजाला ब्यूरो
डिबाई/दानपुर।
तहसील क्षेत्र के गांव दानपुर में बुधवार शाम एक घर में हुए विस्फोट के कारणों का 24 घंटे बाद भी पता नहीं चल सका है। देर रात एसपी देहात पीके तिवारी ने मौका मुआयना किया। वहीं, बृहस्पतिवार को आगरा से आई फोरेंसिक टीम ने जांच के लिए सैंपल लिए। उधर, पोस्टमार्टम के बाद मृतकों को सुुपुुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
बता दें कि बुधवार को दानपुर के मोहल्ला शेखान निवासी साबू पुत्र फैंसी खां के घर में शाम करीब सात बजे अचानक संदिग्ध अवस्था में विस्फोटक हो गया था। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि घर के एक हिस्से में बने दो कमरों की छत भरभराकर गिर गई और दीवारों में भी दरार आ गई। इस दौरान घर में मौजूद साबू की पुत्री फरीदा (18), भतीजी आलिया (05) पुत्री शमशुद्दीन की मलबे में दबने के कारण मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, साबू की पत्नी नूरजहां, व शमशुद्दीन की तीन वर्षीय पुत्री अलीशा, साबू का भाई भूरा व एक अन्य महिला मदीना मलबे में दबने के कारण घायल हो गए थे। बृहस्पतिवार सुबह आगरा से आई फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल से जांच के लिए सैंपल लिए। अब जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो सकेगा कि धमाका कैसे हुआ। हालांकि अधिकारियों के अनुसार घटना स्थल से अभी गैस सिलेंडर फटने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। वहीं, मकान में विस्फोट सिलेंडर से हुआ या आतिशबाजी से अधिकारी जांच की बात कह रहे हैं। सीओ राघवेंद्र मिश्रा ने बताया कि फोरेंसिक टीम की जांच रिपोर्ट के बाद ही नतीजे पर पहुंचा जा सकेगा। उधर, अग्निशमन प्रभारी ने बताया कि मौके से सिलेंडर फटने का कोई सबूत नहीं मिला है, इस संबंध में उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है।
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मृतकों कोे किया सुपुुर्द-ए-खाक, पसरा सन्नाटा
पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे फरीदा (18) व आलिया (5) के शवों का देर शाम गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। मृतकों के आवास पर रिश्तेदारों व परिचितों की भीड़ जुटी थी। घर में एक साथ दो मौतें होने से सन्नाटा पसरा हुआ था। वहीं, घटना के बाद सीएचसी से गंभीर रुप से घायल अलीशा व नूरजहां का अलीगढ़ के हायर मेडिकल सेंटर में उपचार चल रहा है।
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पांच बेटों के पिता ने खो दी इकलौती बेटी
शब्बू खां बीस बर्षों से आतिशबाजी व रामलीला में रावण के पुतले बनाने का का काम करता है। हादसे में गंभीर रुप से घायल उसकी पत्नी नूरजहां का उपचार चल रहा है। आरिफ, फैजान, राशिक, शाहरुख, फारूक पांच पुत्र हैं। परिवार में एक मात्र पुत्री फरीदा 18 की हादसे में मौत हो गई। वहीं, फेरी लगाने वाले छोटा भाई भूरा खॉ व पत्नी मदीना हादसे में घायल हो गये। परिवार में हुए हादसे से किसी के घर-चूल्हे नहीं जले। गरीबी से जुझ रहे परिवार पर घर में रहने को न छत बची है न ही सामान।
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