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फजीहत के बाद कर्मचारियों से छीने जार्च

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विभाग में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा साहब...
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- शिक्षक की आत्महत्या का मामला
- शिक्षक नेताओं ने जेडी को घेरा, कार्यालय की खोली पोल
- अटेवा पेंशन बचाओ मंच ने भी किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
पब्लिक इंटर कॉलेज जौलीगढ़ के शिक्षक द्वारा आत्महत्या के मामले में जांच के लिए पहुंचे संयुक्त निदेशक जेडी शुक्ला का शिक्षक नेताओं ने घेराव किया। शिक्षकों ने जेडी के सामने कार्यालय की सारी पोल खोल दी। कहा कि साहब विभाग में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। शिक्षकों को बेहद शोषण किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आनंद शर्मा के साथ अनेक शिक्षक नेताओं ने जेडी का घेराव किया। शिक्षकों ने कहा कि मृतक शिक्षक के परिजनों को न्याय मिलना चाहिए। अन्यथा इस मामले को प्रदेश भर में जोरशोर से उठाया जाएगा। जेडी शुक्ला ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी एक-एक शिकायत की जांच होगी और दोषी पाए जाने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
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मामले में अटेवा पेंशन बचाओ मंच उत्तर प्रदेश के पदाधिकारी भी बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां उन्हें पुलिस ने रोक लिया। इस पर वह गेट के बाहर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। बुलंदशहर इकाई के जिला संयोजक इंद्रेश यादव ने बताया कि शिक्षक की मौत के बाद शिक्षकों में रोष है और उससे मांगी गई अवैध वसूली का सभी विरोध कर रहे हैं। मंच की ओर से मुख्यमंत्री को मांगपत्र भेजकर मृतक परिवार को 50 लाख मुआवजा देने के साथ अवैध वसूली और उत्पीड़न करने वाले अफसर और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी। अगर कार्रवाई नहीं हुई तो मंच कार्य बहिष्कार कर उग्र आंदोलन चलाने को विवश होगा। इस दौरान मंच के बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे।

एक शिक्षक नेता पर लगे आरोप, सीएम को भेजा पत्र
बुलंदशहर। जिले के एक शिक्षक नेता पर भी आरोप लगे हैं। आरोप लगाने वाले ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री को भेजकर कार्रवाई की मांग की है। नगर के शास्त्री नगर निवासी अनिल शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि एक शिक्षक नेता स्याना क्षेत्र के एक विद्यालय की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हैं। आरोप है कि उन्होंने प्रबंधक का पद धोखाधड़ी से हासिल किया और उसके बाद सदस्यों के नाम सूची से गायब कर अपने रिश्तेदारों को सदस्य नियुक्त कर दिया। वह इस विद्यालय में वर्ष 2013 में प्रधानाचार्य रहते हुए प्रबंधन समिति के फर्जी सदस्य बन गए थे। अब वह शिक्षक की मौत के मामले में बयानबाजी देकर पुलिस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने भी अपने विद्यालय में अवैध वसूली कर चयन बोर्ड से चयनित शिक्षकों को कार्यभार ग्रहण कराया है। वह अपने पद का दुरुपयोग कर शिक्षकों को डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं।

मामले को दबाने के लिए झूठा वीडियो भी हो रहा वायरल
शिक्षक नेताओं का दावा है कि मामले को दबाने के लिए एक झूठा वीडियो वायरल हो रहा है। यह वीडियो मृतक शिक्षक की पत्नी का है और आरोप है कि यह उसे बरगलाकर बनाया गया है। इस वीडियो को वायरल करने में जहां विभागीय अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आ रही है, मीडिया से संबंधित लोगों का भी हाथ होने का दावा किया जा रहा है। शिक्षक नेता वायरल हो रहे वीडियो को झूठा होने का दावा कर रहे हैं।

फजीहत के बाद कर्मचारियों से छीने चार्ज
बुलंदशहर। शिक्षक द्वारा आत्महत्या करने के बाद लगे अवैध वसूली के आरोप की पोल खुलने से हुई फजीहत के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने बुधवार दो कर्मचारियों के चार्ज छीन लिए। कार्रवाई से विभागीय कर्मचारियों में खलबली तो है, लेकिन साथ ही सवाल भी उठाए जाने लगे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि जिन कर्मचारियों पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं, उनसे चार्ज छीनते हुए विभाग की अन्य जिम्मेदारी दे दी गई है। उनका कहना है कि लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। फिर भी उन्होंने उन कर्मचारियों से चार्ज छीन लिए हैं, जिन पर आरोप लगाए गए हैं। उन्हाेंने कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी दी है कि इस तरह के आरोप किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उधर, शिक्षक नेताओं की मांग है कि अवैध वसूली में शामिल सभी कर्मचारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, न की उनके कार्य में फेरबदल हो। ऐसे कर्मचारियों पर यदि कार्रवाई नहीं होती है तो वह चुप नहीं बैठने वाले हैं।
संयुक्त निदेशक ने खंगाली नियुक्ति संबंधी फाइल
फोटो समाचार
- संयुक्त निदेशक मेरठ पहुंचे जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय
- अफसर और कर्मचारियों के लिए बयान, जांच के बाद होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
पब्लिक इंटर कॉलेज जौलीगढ़ के शिक्षक द्वारा आत्महत्या के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के अफसर और कर्मचारियों पर लगाए गए अवैध नियुक्ति और वसूली के मामले में जांच शुरू हो गई है। इसके लिए बुधवार माध्यमिक शिक्षा परिषद के संयुक्त निदेशक मेरठ जिला विद्यालय कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नियुक्ति संबंधी फाइलों की जांच के अलावा अफसर और कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए। उनका दावा है कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षक द्वारा की गई आत्महत्या को लेकर शिक्षक नेताओं और शिक्षकों में रोष गहरा गया। मृतक शिक्षकों के परिजनों और शिक्षक नेताओं ने जिला विद्यालय कार्यालय के अफसर और कर्मचारियों पर नियुक्ति करने और वेतन देने से पहले अवैध वसूली के आरोप लगाए थे। इसके विरोध में सोमवार जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का घेराव कर शिक्षक नेता और शिक्षकों ने अपनी खूब भड़ास निकालते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष और एमएलसी ओमप्रकाश शर्मा ने इस प्रकरण को पूरे प्रदेश में चलाने के साथ बोर्ड परीक्षा के बहिष्कार की चेतावनी दे दी है। इसके साथ ही मंगलवार को मामला उजागर हुआ कि शिक्षा आयोग से नियुक्त कर भेजे गए शिक्षकों की तैनाती करने में भी खेल कर दिया गया। इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप का दौर जब शुरू हुआ तो संयुक्त निदेशक डीके शुक्ला बुधवार को जिला विद्यालय कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नियुक्ति संबंधी फाइल खंगाली और जिला विद्यालय निरीक्षक सहित कई कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए। इस दौरान विभाग में खलबली मची रही। संयुक्त निदेशक डीके शुक्ला का दावा है कि पूरे मामले की जांच शुरू हो गई है और जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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अपनी बात रखने में लड़खड़ाए संयुक्त निदेशक
संयुक्त निदेशक डीके शुक्ला ने पत्रकारों से बातचीत कर पूरे मामले पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा का बहिष्कार ठीक नहीं है। यह लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य से जुड़ा हुआ मामला है। रही कार्रवाई की बात तो उसकी जांच शुरू हो चुकी है। इसी बीच वह कह उठे कि साक्ष्य मिलेंगे तो कार्रवाई जरूर होगी। जब उन पर सवाल दर सवाल किए गए तो वह संभल गए और अपने शब्द वापस लेते हुए कहा कि जांच में मृतक शिक्षक के परिजनों और शिक्षक नेताओं को भी शामिल किया जाएगा। ब्यूरो

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