टास्क फोर्स की नजर में होगा क्षय रोगियों का उपचार
- डीएम अध्यक्ष, सीएमओ उपाध्यक्ष व एक सचिव समेत तीन सदस्य शामिल
- गठित टास्क फोर्स 31 बिंदुओं पर करेंगी समीक्षा
चेतन शर्मा
बुलंदशहर। क्षय रोगियों पर नजर रखने के लिए जिले में टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इसमें सात सदस्य शामिल होंगे। जिला टीबी टास्क फोर्स में शामिल सदस्य जिलास्तर पर की जा रहीं गतिविधियों के साथ कई बिंदुओं की समीक्षा करेंगे।
भारत को टीबी रोग से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। टीबी के उन्मूलन के लिए केंद्र सरकार कार्यक्रम चला रही है। इसमें मिस्ड कॉल के माध्यम से भी मरीजों को दवा खिलाने एवं नर्सिंगहोम के चिकित्सकों द्वारा समय से क्षय रोगी की सूचना देने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इस बीच स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव प्रशांत त्रिवेदी ने सभी जिलों में जिला टीबी टास्क फोर्स के गठन के निर्देश दिए हैं। टास्क फोर्स में शामिल सभी सदस्य 31 बिंदुओं पर समीक्षा कर इसकी रिपोर्ट शासन को भेजेंगे।
टास्क फोर्स में ये रहेंगे शामिल
जिलाधिकारी/अध्यक्ष जिला स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष
मुख्य चिकित्सा अधिकारी उपाध्यक्ष
जिला क्षय रोग अधिकारी सदस्य सचिव
जिला कार्यक्रम प्रबंधक/राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सदस्य
टीबी विशेषज्ञ/बाल चिकित्सक सदस्य
क्षय नियंत्रण कार्यक्रम संगठन (एनजीओ) सदस्य
ड्रग सेंसिटिव व ड्रग रेजिस्टेंट विशेष आमंत्री
गतिविधियों की करेंगे समीक्षा
- जिला टीबी टास्क फोर्स में शामिल सदस्य प्रत्येक दूसरे माह के प्रथम मंगलवार को पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम, राज्य स्तर से प्रेषित दिशा निर्देशों का अनुश्रवण/पर्यवेक्षण का समय से क्रियान्वयन, क्षय रोगियों के लिए सामाजिक जागरूकता द्वारा सरकारी योजनाओं से क्षय रोगियों को जोड़ना, क्षय रोगियों को दी जा रही डेली रेजीमेन की स्थिति, निजी एवं सरकारी स्वास्थ्य इकाईयों से टीबी नोटिफिकेशन की स्थिति, सीबीएनएएटी मशीन की मासिक उपयोगिता एवं जांच के बाद मरीजों की नि:क्षय पोर्टल पर शत-प्रतिशत एंट्री करना, क्षय रोगियों ट्रीटमेंट सपोर्ट एवं निजी प्रैक्टिशनर का नि:क्षय पोर्टल पर डीबीटी हेतु पंजीकरण कराना अति आवश्यक है। इनके अलावा सभी 31 बिंदुओं की समीक्षा करेंगे।
कोट
टास्क फोर्स गठन करने का पत्र मिल गया है। इसके लिए टीम का गठन कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। टास्क फोर्स में शामिल सभी सदस्य प्रमुख सचिव द्वारा जारी की गई 1़ बिंदुओं पर समीक्षा करेंगे।
- डा. एमके गुप्ता, जिला क्षय रोग अधिकारी