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लापरवाही पर एबीएसए ने 90 शिक्षकों का रोका वेतन

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लापरवाही पर एबीएसए ने 90 शिक्षकों का रोका वेतन
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- एबीएसए की रिपोर्ट पर शिक्षक नेताओं ने जताई नाराजगी, लगाए मनमानी के आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। सिकंदराबाद के परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की लापरवाही पर एबीएसए ने 90 शिक्षकों का वेतन रोक दिया। शिक्षक नेताओं ने इस पर नाराजगी जताते हुए मनमानी के आरोप लगाए। इस पर बीएसए ने जांच करवाने का भरोसा दिया है।
परिषदीय स्कूलों का बीएसए के आदेश पर निरीक्षण किया जा रहा है। इसी आदेश के तहत एबीएसए अपने-अपने क्षेत्रों में चेकिंग अभियान चलाकर अनुपस्थित और लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई कर रहे हैं। पिछले दिनों सिकंदराबाद एबीएसए महेश पटेल ने क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों का निरीक्षण करते हुए अनुपस्थित और लापरवाह 90 शिक्षकों के वेतन पर रोक लगा दी। आरोप है कि यह शिक्षक शिक्षण कार्य में रुचि नहीं ले रहे थे। इन शिक्षकों का आरोप है कि एबीएसए ने मनमर्जी करते हुए उनके वेतन पर रोक लगाई है। जब इसका पता प्राथमिक शिक्षक संघ को लगा तो उन्होंने इसका विरोध किया। संघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि जिन शिक्षकों के वेतन पर रोक लगाई है, वह विद्यालय में उपस्थित थे। उन्होंने जब एबीएसए से मामले में वार्ता की तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने बताया कि शिक्षकों की छोटी-मोटी कमियां निकालकर वेतन रोका जा रहा है। जबकि शिक्षक निर्धारित समय पर स्कूल पहुंच रहे हैं। इस मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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वहीं एबीएसए महेश पटेल का कहना है कि जिन शिक्षकों का वेतन रोका गया है, वह बिना बताए अवकाश पर थे। यह कार्रवाई नियम के तहत की गई है। दूसरी ओर बीएसए अजीत कुमार का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है। एबीएसए से रिपोर्ट मांगी गई है। यदि शिक्षकों पर कार्रवाई गलत है तो उनके वेतन से रोक हटाई जाएगी। संघ की मांग को भी नजरंदाज नहीं किया जाएगा।
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