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धान कटाई हुई महंगी, फिर भी नहीं मिल रहे श्रमिक
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फोटो समाचार

- इस बार 800 से एक हजार रुपया प्रति बीघा चल रही कटाई
- विगत वर्ष थी 500 रुपये बीघा, किसानों की बढ़ी मुसीबत

आशीष शुक्ला
बुलंदशहर।
जिले में धान की कटाई जोरों पर है। पहाड़ों की तरह अब मैदानी इलाकों में भी मौसम कब करवट ले जाए, इसका कोई भरोसा नहीं है। इसे देखते हुए किसान जल्द से जल्द अपनी फसल को काट कर सुरक्षित रख लेना चाह रहे हैं। ऐसे में कटाई की लागत महंगी होने के बावजूद किसानों को धान काटने के लिए श्रमिक नहीं मिल पा रहे हैं।
जिला कृषि अधिकारी के अनुसार जिले में इस बार करीब 40 हजार हेक्टेयर भूमि में धान की फसल उगाई गई है। अब फसल पक कर तैयार हो चुकी है और करीब 20 फीसदी फसल को किसान उठा भी चुके हैं। पिछले दिनों हुई बारिश के चलते काफी संख्या में किसानों की धान की फसल को नुकसान हुआ था। खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचने के साथ ही खेतों में काटकर रखी गई फसल को भी नुकसान पहुंचा था। अभी भी मौसम रंगत बदल रहा है, ऐसे में किसानों का प्रयास है कि फसल जल्द-जल्द उठा ली जाए। मगर, वह ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। इसका कारण यह है कि धान की कटाई 800 से एक हजार रुपये प्रति बीघा चल रही है। जबकि पिछले वर्ष यह रेट 500 रुपये बीघा था। फसल कटाई का रेट महंगा होने के बाद भी किसानों को पर्याप्त श्रमिक नहीं मिल पा रहे हैं। अधिकतर किसान विवश होकर खुद ही फसल को उठाने में जुट गए हैं। किसान समर सिंह, प्रेमपाल निवासी भैंसरोली और किशनपाल निवासी सलेमपुर ने बताया कि एक तो गत दिनों बारिश ने उनकी फसल को नुकसान पहुंचाया। अब फसल कटाई का रेट महंगा होने के बाद भी श्रमिक नहीं मिल रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर मौसम बार-बार बदल रहा है और ऐसे में उनकी चिंता बढ़ती जा रही है। यदि मौसम खराब हुआ तो उन्हें और नुकसान उठाने के साथ फसल उठाने को कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी।
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दिन में गर्मी और रात को ठंडक का अहसास जारी है। बार-बार बदल रहे मौसम के आंकड़ों को देखकर आगामी मौसम कैसा रहेगा, यह स्पष्ट नहीं किया जा सकता। - डॉ. विवेकराज, मौसम वैज्ञानिक
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इस समय मंडी में धान का रेट 2400 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास चल रहा है। किसान अपनी फसल को समय पर उठाकर अच्छा मूल्य प्राप्त कर सकते हैं। - अश्विनी कुमार, जिला कृषि अधिकारी
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