पंजीकृत चिकित्सकों के बारे में नहीं बता पाए स्वास्थ्य अफसर
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्हें पंजीकृत चिकित्सकों के रिकॉर्ड के बारे में भी जानकारी नहीं है। प्रशासनिक अफसरों के साथ हुई बैठक में अधूरी जानकारी देने के चलते अफसरों को जमकर फटकार लगी। फिलहाल पूरे मामले में स्वास्थ्य अफसरों ने चुप्पी साध रखी है।
सूत्रों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ प्रशासन के वरिष्ठ अफसरों ने बैठक का आयोजन किया था। बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक अफसरों ने स्वास्थ्य अफसरों से पंजीकृत चिकित्सकों के बारे में जानकारी की, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अफसर वरिष्ठ अफसरों के सवाल पर बगलें झांकने लगे।
इससे पूर्व भी स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गत दिनों डीएम की पैरवी में जिले के अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर लिंग जांच का भंडाफोड़ हुआ था, जबकि स्वास्थ्य अफसर गत दो वर्षों में एक भी केस लिंग जांच का नहीं पकड़ सके थे।
सूत्रों के अनुसार गत दिनों वरिष्ठ प्रशासनिक अफसरों के साथ हुई बैठक में स्वास्थ्य अफसरों से पंजीकृत चिकित्सकों के बारे में जानकारी की गई। प्रशासनिक अफसरों के सवाल पर स्वास्थ्य विभाग के अफसर बगलें झांकने लगे।
इस मौके पर वरिष्ठ प्रशासनिक अफसरों ने स्वास्थ्य अफसरों को लापरवाही के चलते जमकर फटकार लगाते हुए कार्यशैली में शीघ्र ही सुधार के आदेश दिए हैं। पूरे स्वास्थ्य विभाग में इस बारे में कोई भी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है।
बैठक में फटकार की जानकारी मुझे नहीं है। अपंजीकृत चिकित्सक व अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लगातार टीमें लगी हुई हैं। शासन के आदेशों की अवहेलना नहीं होने दी जाएगी। - डॉ. कैलाश नाथ तिवारी, सीएमओ