डीएम के तेवर देख पस्त पड़े प्रधान, छोड़ी डीलरशिप
औरंगाबाद थाना क्षेत्र के दो गांवों का शनिवार को दौरा करने पहुंची डीएम डाक्टर रोशन जैकब को गांव में राशन डीलर की दुकान ग्राम प्रधान और उनके संबंधी चलाते मिले। डीएम ने पूछ लिया प्रधानी करनी है या डीलरशिप।
इस पर दोनों गांवों के प्रधान डीलरशिप छोड़ने के लिये तैयार हो गए। डीएम ने डीएसओ को उक्त डीलरों को हटाकर नए डीलर तैनात करने के निर्देश दिए हैं। अब नए सिरे से राशन डीलरों के चयन की कार्रवाई शुरू की जा रही है।
शनिवार दोपहर डीएम डाक्टर रोशन जैकब, एसडीएम सदर रितु पुनिया गांव मूढ़ीबकापुर स्थित राशन डीलर की दुकान पर पहुंचे। वहां डीएम ने डीलर की दुकान पर मिले युवक से रजिस्टर दिखाने को कहा। युवक ने डीलर की तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए स्टॉक रजिस्टर नहीं दिखाया।
डीएम के गांव में आने की सूचना पर महिलाएं-पुरुष एकत्रित होकर मौके पर पहुंचे। वहां महिलाओं ने राशन न मिलने की शिकायत के साथ प्रधान के परिवार में डीलरशिप होने की बात कही। इस पर डीएम भड़क उठी।
उन्होंने प्रधान को मौके पर बुलाकर फटकार लगाई। रामगढ़ के नाम से मूढ़ी बकापुर में चल रही राशन की दूसरी दुकान पर भी डीएम जा धमकी। यहां सपा छात्रसभा का जिलाध्यक्ष और रामगढ़ प्रधान का पिता डीलरशिप चलाता हुआ मिला।
डीएम ने दोनों प्रधानों से सीधे तौर पर पूछा कि प्रधानी करनी है या डीलरशिप ? इस पर दोनों ही प्रधान डीलरशिप छोड़ने पर सहमत हो गए। डीएम की पूछताछ में पता चला कि बड़े-बड़े कास्तकार भी राशन योजना का लाभ उठा रहे हैं।
ऐसे लोगों को चिन्ह्ति करके उनके राशन कार्डों को तत्काल निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।
मूढ़ीबकापुर और रामगढ़ में प्रधान और उसके संबंधी डीलरशिप करते हुए मिले हैं। दोनों डीलरशिप छोड़ने के लिये तैयार हो गए हैं। कास्तकारों को चिन्ह्ति करके उनके राशन कार्डों को निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।
- डाक्टर रोशन जैकब डीएम