जिले के 139 परिषदीय विद्यालयों में बच्चे दूषित पानी पी रहे थे। इन स्कूलों में लगे हैंडपंपों के पानी की जांच में हैवी मेटल जैसे निकिल और लेड के अंश मिले हैं। सर्वाधिक दूषित पानी शिकारपुर स्थित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पाया गया। वहीं, खुर्जा के गांव सीकरी और सौदा हबीबपुर में भी दूषित पेयजल पाया गया है।
रिपोर्ट आने पर बीएसए ने इन स्कूलों खुलने से पहले रीबोर किए जाने के आदेश दिए हैं। करीब डेढ़ माह पूर्व डीएम के आदेश पर प्रत्येक परिषदीय विद्यालय में पानी के नमूने इकट्ठा किए गए थे। 2426 परिषदीय विद्यालयों से पानी के सैंपल लेकर जल निगम की प्रयोगशाला में जांच कराई गई।
जांच मेें 139 स्कूल ऐसे पाए गए जिनका पानी मानक पर खरा नहीं था। सरकारी स्कूलों में लगे हैंडपंप के पानी में हैवी मेटल, लेड और निकिल जैसे हानिकारक तत्व पाए गए। बता दें कि यह नमूने उस समय लिए गए थे जिस समय स्कूल खुले थे। जाहिर है कि मासूम बच्चे एक अरसे से दूषित जल का सेवन कर रहे थे।
यहां का पानी निकला दूषित
ब्लाक प्राइमरी जूहा. स्कूल
गुलावठी 13 -
शिकारपुर 28 10
पहास 05 02
खुर्जा 03 11
बुलंदशहर 08 07
स्याना 10 02
बीबीनगर 04 01
ऊचागांव 07 04
अगौता 05 01
अरनिया 03 01
जहांगीराबाद 01 -
कुल 98 41
रिपोर्ट में जहां दूषित पानी का उल्लेख था। उन विद्यालयों में लगे हैंडपंपों को बंद करवा दिया गया है। स्कूल खुलने से पहले इन्हें रीबोर करवा दिया जाएगा
ताकि स्कूलों में पेयजल संकट खड़ा न हो। - वेदराम सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी
हैवी मेटल, लेड और निकिल के अंश वाला पानीे पीने से इंसान की लीवर और किडनी खराब हो सकती है। यदि ऐसा पानी बच्चे पी रहे हैं नुकसान का ग्राफ कई गुना बढ़ जाएगा। - डा. अशोक तालियान, डिप्टी सीएमओ