बसों में कम नहीं हुुई भीड़, यात्री हुए हलकान
- खिड़की, छत और जाल पर जान जोखिम में डाल किया सफर
- रोडवेज के दावे हवा-हवाई, डग्गामार वाहन बन रहे सहारा
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर/सिकंदराबाद/खुर्जा। दिवाली पर अपने घर पहुंचने और बाजारों में खरीदारी का सिलसिला बुधवार छोटी दिवाली पर भी जारी रहा। बसों में भीड़ कम नहीं होने के कारण यात्री हलकान रहे। उन्होंने खिड़की, छत और जाल पर जान जोखिम में डलाकर यात्रा की। डग्गामार वाहन चालकों की भी खूब मनमानी चली।
दीपावली के पर्व पर हर व्यक्ति अपने घर पहुंचना चाहता है। इसके लिए वह बस, ट्रेन आदि का सहारा लेता है। पिछले कई दिन से ही यात्रियों ने अपने-अपने घर के लिए रवानगी शुरू कर दी थी, बुधवार को भी जारी रही। यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण रोडवेज के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं और डग्गामार वाहन ही सहारा बन रहे हैं। ऐसी ही स्थिति बुधवार को भी पूरा दिन देखने को मिली। डीएवी तिराहा, शिकारपुर बाईपास, अनूपशहर व स्याना मार्ग, भूड़ चौराहा और बलीपुरा हाईवे पर यात्रियों को घंटों बसों का इंतजार करते देखा गया। डग्गामार वाहन, जैसे जीप, टेंपो और ट्रक आदि में भी लोगों को मजबूरन सफर करना पड़ा। यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर, इन वाहन चालकों ने मनमाना किराया भी वसूला। खुर्जा में हाइवे सहित जंक्शन रोड आदि मार्गों पर यात्रियों को बसों का इंतजार करते देखा गया।
वहीं, सिकंदराबाद में रोडवेज बस अड्डा, दनकौर तिराहा, जेवर तिराहा आदि स्थानों पर यात्री काफी संख्या में खड़े दिखाई दिए। रोडवेज बसों का हाल काफी बुरा दिखाई दिया। जो भी बस पहुंचती उसमें बैठने के लिए अफरा तफरी मच जाती। बसों में बैठना दूर लोगों के खड़े रहने की जगह बस में नहीं बची थी। सवारियाें खासकर महिलाओं और बच्चों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जिन लोगों को कोई साधन नहीं मिला, उन्होंने ट्रक, केंटर, टेंपो और लिफ्ट लेकर सफर तय किया। बुलंदशहर डिपो के एआरएम एसपी सिंह का कहना है कि यात्रियों की परेशानी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। मगर, यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण समस्या बनी हुई है। ट्रैफिक इंचार्ज कुलवीर राणा का कहना है कि जाम से निपटने के लिए बाजारों में पुलिस तैनात है। जहां भी जाम लगा, वहां तुरंत पहुंचकर जाम हटाकर लोगों को राहत दी गई।
दीपावली पर घर पहुंचने की मची होड़
खुर्जा। दीपावली पर घर पहुंचने के लिए बुधवार को पूरे दिन बसों और ट्रेनों में मारामारी मची रही। जंक्शन रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर घर जाने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने लटककर और बसों व ट्रेनों की छतों पर बैठकर यात्रा की। रेलवे स्टेशन पर जो भी ट्रेन आती, उस पर बैठने के लिए अफरातफरी मच जाती। दीपावली पर बसों की व्यवस्था को लेकर रोडवेज के दावे फेल हो गए। बसें न मिलने से लोग घंटों इंतजार करते दिखाई दिए। जगह न मिलने पर काफी संख्या में लोग छतों पर बैठे दिखाई दिए। कानपुर, इटावा, एटा लखनऊ के लंबे रूटों से लेकर अलीगढ़, आगरा, मेरठ आदि नजदीक जाने वाले यात्री रेलवे और बस अड्डों पर दिखाई दिए।
ट्रेनें घंटों लेट, कैसे त्यौहार पर पहुंचेंगे मुसाफिर
खुर्जा। दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर चल रहीं ट्रेेनें घंटों लेट होने से त्योहार पर घर पहुंचना मुसाफिरों के लिए मुश्किल हो गया है। संगम समेत कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं। त्योहार के चलते भीड़ में घंटों ट्रेन में सफर करना यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। दिल्ली हावड़ा रेल मार्ग पर चलने वाली इलाहाबाद से मेरठ जाने वाली संगम एक्सप्रेस 12 घंटे देरी से चल रही है। इसके अलावा अमृतसर से कटिहार जाने वाली आम्रपाली 11 घंटे, मुरी सात घंटे, लिच्छवी 17 घंटे देरी से चल रही है। ट्रेनों की लेट लतीफी के चलते यात्रियों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। त्योहार में पहले से ही ट्रेनों में भारी भीड़ है। ऊपर से घंटों लेट होने से यात्रियों की हालत बदतर हो गई है। घंटों भूखे प्यासे सफर करना लोगों के लिए काफी मुश्किल भरा रहा। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्ग और मरीजों को हो रही है। स्टेशन अधीक्षक पीके गुप्ता ने बताया कि ओवर ट्रैफिकिंग के चलते ट्रेनें लेट हो रही हैं।