बुलंदशहर। सरकार की महत्वाकांक्षी बैंक सखी योजना गांवों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रही है। योजना से जुड़कर यहां की 117 महिलाओं को न सिर्फ रोजगार मिल रहा है बल्कि कमीशन से वह आत्मनिर्भर बन रही हैं।
जिले की 946 ग्राम पंचायतों में करीब 14 हजार स्वयं सहायता समूहों का संचालन हो रहा है।। इनमें करीब दो लाख महिलाएं जुड़ी हैं। आज कई बैंक सखियां गांव-गांव बैंकिंग सेवाएं पहुंचाकर ग्रामीणों की मदद कर रही हैं। ऐसा करके वह नियमित नौकरी करने वाले पुरुषों से भी अधिक आय अर्जित कर रहीं हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन के उपायुक्त स्वत: सूबेदार सिंह ने बताया कि जिले में इस समय 117 बैंक सखी सक्रिय हैं, जो ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई हैं। डिजिटल और वित्तीय सेवाओं की पहुंच ग्रामीणों तक सहजता से पहुंचाने में ये महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहीं हैं।
सरकार की ओर से प्रत्येक बैंक सखी को 4000 रुपये महीना मानदेय दिया जाता है। इसके साथ ही लेन-देन पर मिलने वाले कमीशन से उनकी आय और भी बढ़ जाती है। बैंक सखियां घर-घर जाकर जमा-निकासी, जनकल्याणकारी योजनाओं का सत्यापन, पेंशन, सब्सिडी आदि के भुगतान जैसी सेवाएं उपलब्ध करा रहीं हैं।