बदायूं। करीब साढ़े पांच साल पहले उसहैत क्षेत्र के गांव में नाबालिग से दुष्कर्म करने के मामले में स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट राजकुमार तृतीय ने नामजद युवक को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने युवक को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। जुर्माने की रकम जमा होने पर आधी धनराशि पीड़ित को देने का आदेश दिया है।
नाबालिग से दुष्कर्म करने का मामला उसहैत थाना क्षेत्र का है। एक गांव निवासी व्यक्ति ने 20 सितंबर 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके मुताबिक, उसकी बहन दोपहर में जंगल से लकड़ियां बीनने गई थी। उसी समय थाना क्षेत्र ही गांव फिरोजपुर निवासी श्यामवीर पुत्र ब्रजपाल ने किशोरी को पकड़ लिया। आरोपी श्यामवीर ने पीड़िता का मुंह कपड़े से बांधकर उसके साथ मारपीट की और दुष्कर्म किया। पीड़ित किशोरी के शोर मचाने पर बहुत से लोग आ गए। उनके ललकारने पर आरोपी श्यामवीर भाग गया।
वादी ने श्यामवीर पुत्र ब्रजपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद श्यामवीर के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट राजकुमार तृतीय ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी मदनलाल राजपूत और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद श्यामवीर को दुष्कर्म के मामले में मुजरिम करार दिया। कोर्ट ने मुजरिम श्यामवीर को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।