बदायूं के जरीफनगर गांव में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई।घटना उस वक्त हुई, जब युवक छत पर बंदरों को भगाने गया था। इसी दौरान उसका हाथ हाईटेंशन लाइन से छू गया।
बदायूं के जरीफनगर गांव में बंदरों के आतंक के बीच एक दुखद घटना सामने आई है। बंदरों को भगाने की कोशिश में 26 वर्षीय कमल सिंह की 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब कमल सिंह अपने घर की छत पर बंदरों को भगाने के लिए गए थे।
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कमल सिंह पुत्र श्रीपाल सोमवार को छत पर थे। छत के ऊपर से बिजली लाइन गुजर रही है। बताया गया है कि इस लाइन के नीचे कोई सुरक्षा जाल नहीं था। बंदरों को भगाते समय कमल सिंह का संपर्क बिजली लाइन से हो गया। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गए। परिवार के सदस्यों ने उन्हें तुरंत निजी चिकित्सकों के पास पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिवार वाले कमल सिंह को बदायूं मेडिकल कॉलेज ले गए। मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही कमल सिंह ने दम तोड़ दिया।
गांव में बंदरों का आतंक
जरीफनगर गांव में बंदरों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है। ग्रामीणों को बंदरों से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बंदर घरों में घुसकर सामान खराब करते हैं और लोगों पर हमला भी करते हैं। इसी परेशानी के चलते कमल सिंह बंदरों को भगाने छत पर गए थे। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या के समाधान की मांग की है।
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सुरक्षा मानकों पर सवाल
इस घटना ने बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छत के ऊपर से गुजर रही 11000 वोल्ट की लाइन के नीचे सुरक्षा जाल न होना एक बड़ी लापरवाही है। ग्रामीणों ने ऐसी खतरनाक लाइनों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उचित सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए। बिजली विभाग को ऐसी जगहों पर सुरक्षा जाल लगाने या लाइनों को भूमिगत करने पर विचार करना चाहिए।